ब्रह्मर्षि रामसकल दास जी महाराज की तृतीय पुण्यतिथि पर उमड़ा जनसैलाब, विशाल भंडारे का आयोजन

 

महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। आध्यात्मिक जगत के प्रखर पुंज श्री देवरहा बाबा के अनन्य कृपापात्र शिष्य, ब्रह्मर्षि योगी सम्राट श्री श्री 1008 श्री रामसकल दासजी महाराज की तृतीय पुण्यतिथि बुधवार को धर्मनगरी अयोध्या में अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर श्री देवरहा बाबा आश्रम, लवकुश नगर में आयोजित धार्मिक अनुष्ठानों और विशाल भंडारे में देश के विभिन्न कोनों से आए साधु-संतों और गृहस्थ श्रद्धालुओं का समागम हुआ।
वैदिक मंत्रोच्चार से गूँजा आश्रम
चैत्र शुक्ल चतुर्दशी के पावन अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत अल सुबह महाराज जी के विधि-विधान से पूजन-अर्चन के साथ हुई। आश्रम परिसर वैदिक मंत्रों की ध्वनि से गुंजायमान रहा। उपस्थित भक्तों ने महाराज जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके बताए भक्ति मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। श्रद्धा सुमन अर्पित करने वालों में स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ दूर-दराज से आए अनुयायी भी शामिल थे।
श्रद्धांजलि सभा और प्रसाद वितरण
दोपहर में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने महाराज जी के आध्यात्मिक जीवन और समाज के प्रति उनके योगदान को याद किया। इसके पश्चात विशाल भंडारे का शुभारंभ हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम का आयोजन श्री द्वारिकाधीश मंदिर धर्मार्थ ट्रस्ट, वाराणसी द्वारा किया गया। ट्रस्ट के प्रतिनिधियों ने बताया कि महाराज जी का जीवन जनकल्याण और भक्ति का पर्याय था, जिसकी प्रेरणा आज भी भक्तों का मार्गदर्शन कर रही है।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
इस पुनीत अवसर पर मुख्य रूप से वीरेंद्र नाथ सिंह, उग्र प्रताप, अरुण, रितेश दुबे और कृष्ण शरण समेत भारी संख्या में गणमान्य भक्तजन उपस्थित रहे। ट्रस्ट ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी सहयोगियों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।