महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या/बस्ती ऐतिहासिक और पौराणिक महत्ता वाले मखौड़ा धाम (मखक्षेत्र) की पावन धरती एक बार फिर ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से गुंजायमान होने वाली है। आगामी 20 अप्रैल 2026 से यहां 21वें श्रीराम महायज्ञ का भव्य आयोजन किया जाएगा। परशुरामपुर तहसील स्थित श्री राम जानकी मंदिर परिसर में होने वाले इस धार्मिक अनुष्ठान को लेकर स्थानीय श्रद्धालुओं और साधु-संतों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। सात दिवसीय अनुष्ठान का पूरा विवरण महायज्ञ का शुभारंभ सोमवार, 20 अप्रैल को होगा, जिसका समापन 26 अप्रैल (रविवार) को ‘पूर्णाहुति’ के साथ किया जाएगा। आयोजन समिति के अनुसार, सात दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में प्रतिदिन धार्मिक कार्यक्रमों की त्रिवेणी बहेगी । हवन-पूजन प्रतिदिन प्रातः 8:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक।
प्रवचन सायंकाल 4:00 बजे से रात्रि 8:00 बजे तक।
रासलीला: वृंदावन के सुप्रसिद्ध कलाकारों द्वारा प्रतिदिन रात्रि 9:00 बजे से मंचन। डॉ. रागिनी मिश्रा करेंगी कथा की वर्षा इस वर्ष महायज्ञ का मुख्य आकर्षण अंतरराष्ट्रीय कथावाचिका मानस मंदाकिनी रागिनी जी (डॉ. रागिनी मिश्रा) होंगी। वे 21 अप्रैल से 25 अप्रैल तक प्रतिदिन सायंकाल 4:00 बजे से 7:00 बजे तक प्रभु श्री राम की महिमा का बखान करेंगी। श्रद्धालुओं को अपनी ओजस्वी वाणी से श्रीराम कथा का अमृतपान कराने के लिए वे विशेष रूप से आमंत्रित की गई हैं।
दिग्गज संतों का मिलेगा सानिध्य
पूरे अनुष्ठान की अध्यक्षता अनन्त श्री विभूषित विन्दुगाधाचार्य महन्त श्री देवेन्द्रप्रसादाचार्य जी महाराज (बड़ा स्थान, रामकोट, श्री अयोध्या जी) करेंगे। कार्यक्रम के आयोजक व मखौड़ा धाम मंदिर के पुजारी सूर्यनारायण दास ‘वैदिक’ ने बताया कि यज्ञ की सफलता के लिए युद्धस्तर पर तैयारियां जारी हैं।
“यह आयोजन न केवल धार्मिक है, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत को भी संजोए हुए है। पुणे (महाराष्ट्र) के धीरजलाल बारुभाई सापरिया इस वृहद आयोजन के मुख्य यजमान हैं।” – सूर्यनारायण दास ‘वैदिक’ क्षेत्रवासियों में हर्ष की लहर परशुरामपुर के समस्त ग्रामवासियों एवं क्षेत्रवासियों के सौजन्य से आयोजित इस कार्यक्रम को लेकर गांव-गांव में जनसंपर्क किया जा रहा है। आयोजकों ने सभी भक्तों से अपील की है कि वे इस पावन अवसर पर सपरिवार सम्मिलित होकर पुण्य लाभ कमाएं। सुरक्षा और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं।