संस्कार, शिक्षा, अनुशासन और सफलता का संगम- उर्मिला एजुकेशनल एजुकेशनल एकेडमी- विनय शुक्ला

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक सुविधाओं के साथ उर्मिला एजुकेशनल एकेडमी के नए सत्र का प्रवेश प्रारम्भ

 

संस्कार, शिक्षा, अनुशासन और सफलता का संगम- उर्मिला एजुकेशनल एजुकेशनल एकेडमी- विनय शुक्ला

 

बस्ती। शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली उर्मिला एजुकेशनल एकेडमी में शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक विनय शुक्ला ने अभिभावकों एवं विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास करना है, जिससे वे जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकें।

निदेशक विनय शुक्ला ने बताया कि उर्मिला एजुकेशनल एकेडमी की विशेषता यह है कि यहां विद्यार्थियों को यूपी बोर्ड एवं सीबीएसई दोनों पैटर्न के अनुरूप शिक्षा प्रदान की जाती है। इससे छात्रों को अपनी सुविधा और भविष्य की योजनाओं के अनुसार बेहतर विकल्प चुनने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि संस्थान का प्रयास है कि हर छात्र को उसकी क्षमता के अनुसार सही दिशा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा का स्तर तेजी से बदल रहा है और प्रतिस्पर्धा भी बढ़ती जा रही है। ऐसे में विद्यालय आधुनिक शिक्षण पद्धतियों जैसे स्मार्ट क्लास, डिजिटल लर्निंग और एक्टिविटी बेस्ड एजुकेशन के माध्यम से छात्रों को बेहतर तरीके से तैयार कर रहा है। विद्यालय में अनुभवी एवं समर्पित शिक्षकों की टीम बच्चों के बौद्धिक विकास के साथ-साथ उनके नैतिक मूल्यों और व्यक्तित्व निर्माण पर भी विशेष ध्यान देती है।

निदेशक ने बताया कि संस्थान में सुरक्षित, अनुशासित एवं बच्चों के अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया गया है, जहां छात्र-छात्राएं बिना किसी भय के अपनी प्रतिभा को निखार सकते हैं। परिसर में स्वच्छता, सुरक्षा और आधुनिक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाता है, जिससे विद्यार्थियों को एक सकारात्मक शिक्षण माहौल मिल सके।

विनय शुक्ला ने यह भी कहा कि शिक्षा के साथ-साथ सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को भी समान महत्व दिया जाता है। खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम, वाद-विवाद, संगीत, नृत्य और अन्य रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया जाता है। इससे बच्चों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक समझ का विकास होता है।

उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए समय रहते सही निर्णय लें और उन्हें ऐसे संस्थान में शिक्षा दिलाएं, जहां उनके सपनों को साकार करने का हर संभव प्रयास किया जाता हो। उन्होंने बताया कि प्लेवे से लेकर कक्षा 12 तक की कक्षाओं में प्रवेश के लिए सीमित सीटें उपलब्ध हैं, इसलिए इच्छुक अभिभावक शीघ्र ही प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण कर लें।

अंत में निदेशक विनय शुक्ला ने विश्वास जताया कि उर्मिला एजुकेशनल एकेडमी आने वाले समय में भी अपनी गुणवत्ता, अनुशासन और उत्कृष्ट परिणामों के दम पर शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएगी। उन्होंने कहा कि संस्थान का लक्ष्य केवल अच्छे अंक दिलाना नहीं, बल्कि ऐसे जिम्मेदार, जागरूक और संस्कारित नागरिक तैयार करना है, जो समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।