महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। महान स्वतंत्रता सेनानी, प्रखर समाजवादी विचारक और गैर-कांग्रेसवाद के शिल्पी डॉ. राम मनोहर लोहिया की जयंती सोमवार को जनपद में धूमधाम से मनाई गई। समाजवादी पार्टी महानगर इकाई द्वारा महानगर कार्यालय ‘लोहिया भवन’ और चौक घंटाघर स्थित उनकी प्रतिमा पर निवर्तमान महानगर अध्यक्ष श्याम कृष्ण श्रीवास्तव एवं निवर्तमान महासचिव हामिद जाफर मीसम के नेतृत्व में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने डॉ. लोहिया के चित्र एवं प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। लोहिया जी के विचारों से ही संभव है सामाजिक न्याय श्याम कृष्ण श्रीवास्तव निवर्तमान महानगर अध्यक्ष श्याम कृष्ण श्रीवास्तव ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि डॉ. लोहिया का जन्म 23 मार्च 1910 को इसी माटी (तत्कालीन फैजाबाद) में हुआ था। उन्होंने गांधीवादी मूल्यों को समाजवाद से जोड़कर देश को एक नई दिशा दी। श्री श्रीवास्तव ने कहा कि डॉ. लोहिया ने ‘सप्तक्रांति’ का सिद्धांत दिया और हमेशा हिंदी भाषा की वकालत की। 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में उनकी सक्रिय भूमिका और कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी के संस्थापक सदस्य के रूप में उनका योगदान अविस्मरणीय है।
सत्ता के विकेंद्रीकरण के पक्षधर थे डॉ. लोहिया: हामिद जाफर मीसम
महासचिव हामिद जाफर मीसम ने डॉ. लोहिया के दार्शनिक पक्ष पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि भारतीय समाज की विसंगतियों को गहराई से समझने वाले मनीषी थे। उन्होंने सत्ता के विकेंद्रीकरण के लिए ‘चौखंबा राज्य’ की अवधारणा पेश की और पिछड़ों व महिलाओं को विशेष अवसर देकर सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने की लड़ाई लड़ी। इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति पार्टी प्रवक्ता राकेश यादव एडवोकेट ने बताया कि इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपाध्यक्ष प्रवीण राठौर, राकेश पांडे, जगन्नाथ यादव, अंसार अहमद, सुरेंद्र यादव, जयप्रकाश यादव, अरौनी पासवान, वीरेंद्र गौतम, डॉ. घनश्याम यादव, अपर्णा जायसवाल, अजय यादव, अश्वनी सिंह, शिवांशु तिवारी, नीरज यादव, प्रदीप यादव, अभय द्विवेदी, मोहम्मद जैगम, नूर बाबू और राजित राम सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।