


लवकुश सिंह
शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल के अंतर्गत कक्षा 10 (सीबीएसई) के विद्यार्थियों को अब संत डॉ. सौरभ पाण्डेय महाराज के जीवन और विचारों पर आधारित काव्य रचना पढ़ने का अवसर मिलेगा। यह प्रेरणादायक कविता साहित्यकार प्रतिभा गुप्ता ‘प्रबोधिनी’ द्वारा रचित है, जिसमें संत सौरभ के जनसेवा, समाज जागरण और मानवता के प्रति समर्पण को भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया गया है। कविता की आरंभिक पंक्तियाँः दीप सौरभ के हृदय में यूँ जले हैं, शपथ ले जनचेतना के संग चले हैं। धरा धाम प्रमुख संत सौरभ के जीवन में निहित सेवा, त्याग और सामाजिक चेतना की भावना को प्रभावशाली रूप से अभिव्यक्त करती हैं। यह रचना विद्यार्थियों को समाज के प्रति जागरूक और संवेदनशील बनने की प्रेरणा देती है। यह कविता किंशुक हिंदी व्याकरण (कक्षा 10) पुस्तक में प्रकाशित की गई है, जिसकी लेखिका डा. मुद्रिका वर्मा हैं।
प्रतिभा गुप्ता के लेख एवं कविताएं निरंतर अनुराग लक्ष्य हिंदी मासिक पत्रिका में छपती रही है और उन्होंने बस्ती प्रेस क्लब में कई बार अपने कार्यक्रम की प्रस्तुति दी है. उनके इस सफलता पर डॉक्टर रामकृष्ण लाल जगमग, विनोद कुमार उपाध्याय लवकुश सिंह, सर्वेश श्रीवास्तव, सुनील मिश्रा, वशिष्ठ पांडे, राकेश तिवारी राजेंद्र उपाध्याय सहित कई लोगों ने अपनी शुभकामनाएं दी है