भक्ति व आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठी रामनगरी

भक्ति व आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठी रामनगरी

-हनुमानगढ़ी में अखंड रूप से चलने वाले सुंदरकांड पाठ का हुआ शुभारंभ

अयोध्या। प्रभु श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या एक बार पुनः भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठी, जब हनुमानगढ़ी में भगवान हनुमान के आशीर्वाद से अखंड रूप से चलने वाले सुंदरकांड पाठ का शुभारंभ विधिवत किया गया। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना का भी सशक्त माध्यम सिद्ध हुआ।इस पुण्य अवसर पर निर्वाणी अखाड़ा के श्रीमहंत मुरली दास, संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत संजय दास, राजेश पहलवान, वैद्य मंदिर के महंत राजेंद्र दास, महंत शशिकांत दास, बाल योगी महंत रामदास, महामंडलेश्वर महंत नरसिंह दास तथा श्रृंगी ऋषि आश्रम के महंत हेमंत दास सहित सैकड़ों संत-महंतों की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी संतों ने सामूहिक रूप से सुंदरकांड का पाठ कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। महंत संजय दास ने कहा कि हनुमान जी के भक्त विनोद कुमार जायसवाल का यह प्रयास सामाजिक एकता और अखंडता को स्थापित करेगा और आज से जो हनुमान जी के आशीर्वाद से अभियान शुरू हुआ है यह प्रत्येक मंगलवार को गांव-गांव तक पहुंचेगी और इससे लोगों में धार्मिक चेतना बढ़ेगी। कार्यक्रम के संयोजक विनोद कुमार जायसवाल ने इस अवसर पर अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि हनुमान जी की कृपा से अब प्रत्येक मंगलवार को अयोध्या मंडल के हर ग्राम सभा में सामूहिक रूप से सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने इसे जन-जन तक भक्ति और एकता का संदेश पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण अभियान बताया।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन ग्राम सभाओं में मंदिर उपलब्ध होंगे, वहां मंदिर परिसर में ही पाठ आयोजित किया जाएगा, जबकि अन्य स्थानों पर उपयुक्त स्थल का चयन कर यह आयोजन संपन्न कराया जाएगा। इस पहल को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। इस आयोजन का मूल उद्देश्य समाज में एकता, राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक जागरूकता को सुदृढ़ करना है। उन्होंने कहा कि जब राष्ट्र और धर्म सुरक्षित रहेंगे, तभी समाज और व्यक्ति का अस्तित्व भी सुरक्षित रह सकेगा। विहिप के मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने बताया कि हनुमान जी को संकट मोचन और शिव के अंश के रूप में पूजा जाता है। उनकी प्रेरणा से ही राष्ट्र की एकता और अखंडता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से इस अभियान की शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मंगलवार को होने वाले इस आयोजन में लोग मिलकर सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे, जिससे समाज में आध्यात्मिकता के साथ-साथ राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना भी प्रबल होगी।इस प्रकार यह आयोजन भक्ति, एकता और सांस्कृतिक जागरण का अद्भुत संगम बनकर उभर रहा है। इस अवसर पर शिवम श्रीवास्तव सहित सैकड़ो लोग मौजूद रहे।