अज्ञानता ही है जीव के दुखों का कारण 

अज्ञानता ही है जीव के दुखों का कारण

 

बस्ती। सांसारिक मोह मैं पड़े हुए व्यक्ति की अज्ञानता ही उसके दुखों का कारण है। जब जीव को ज्ञान की प्राप्ति होती है तो वह सांसारिक बंधन से मुक्त होकर भगवान का भजन करता है और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। श्रीमद् भागवत कथा मनुष्य के पापों का नाश कर उसे परम गति प्रदान करती है। अवध धाम से पधारे कथा व्यास आचार्य सर्वेश्वर दत्त त्रिपाठी ने उक्त बातें कहीं।

नगर पंचायत हर्रैया के वार्ड नंबर 14 मंगल पाण्डेय नगर भदासी में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन कथा व्यास श्रद्धालुओं को श्री कृष्णा जन्म की कथा का रसपान रहे थे। उन्होंने कहा कि भगवान विष्णु ने अपने भक्तों का कल्याण करने तथा कंस जैसे दुराचारी राक्षस से पृथ्वी को भय मुक्त करने के लिए अवतार लिया। कथा को विस्तार देते हुए कहा कि कंस के अत्याचार से चारों तरफ त्राहि त्राहि मची हुई थी। पृथ्वी के साथ सभी देवता गण भगवान विष्णु के पास पहुंचे और उनसे कंस के अत्याचार, अनाचार, दुराचार से मुक्ति दिलाने के लिए प्रार्थना किया। भगवान ने कहा कि कुछ ही समय में वह स्वयं कंस का अंत करने के लिए अवतार लेंगे। कथा व्यास ने कहा कि कंस अपनी बहन देवकी की शादी राजा वसुदेव के साथ किया। रथ पर बिठाकर कंस अपनी बहन को उसके घर विदा करने ले जा रहा था इस दौरान हुई आकाशवाणी से उसका मन बदल गया और वह अपने बहन और बहनोई को कारागार में बंद कर दिया। एक-एक करो उसने देवकी के 6 संतानों का वध कर दिया। सातवें संतान को योग माया द्वारा रोहिणी के गर्भ में डाल दिया गया। श्री त्रिपाठी ने कहा कि आठवें संतान के रूप में भगवान श्री हरि ने स्वयं अवतार लिया। उनके अवतरित होते ही देवगण पुष्प वर्षा करने लगे। उनके जन्म लेते ही देवकी वसुदेव के हाथों पर में लगी बेड़ियां खुल गई। कहा कि जो भगवान की शरण में चला जाता है उसे वह सभी बंधनों से मुक्त हो जाता है। मुख्य अजमान राम लाली देवी व्यासपीठ की आरती उतारी। मांगलिक गीतों पर देर रात तक श्रद्धालु थिरकते रहे। कथा में अनूप कुमार पांडेय, सीता शरण पांडेय शास्त्री जी, आशुतोष पाण्डेय, बेनीमाधव तिवारी, सामवेद पांडेय, सभासद प्रतिनिधि रमाकांत पांडेय, राघव राम, सियाराम, नारायण पाण्डेय, बालमुकुंद पांडेय, प्रेम नारायण पाण्डेय, अभिनंदन, पवन, ठाकुर प्रसाद, सुनील, देवी सेवक, श्रवण, आजाद, राज, दयानिधि, विपुल, श्लोक, शनि, वैभव, नमन, लक्की, करन सहित तमाम लोग मौजूद रहे।