विद्याकुंड में बिखरे फाग के रंग, वंदना उपाध्याय ने किया नारी शक्ति का वंदन

 

महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। धर्मनगरी के विद्याकुंड स्थित श्री परमहंस शिक्षण-प्रशिक्षण स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्रांगण में रविवार को ‘होली मिलन एवं रंगोत्सव’ का भव्य आयोजन किया गया। रामाय सेवा ट्रस्ट और महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में सांस्कृतिक उल्लास के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण की अनूठी मिसाल देखने को मिली। संस्कृति और सशक्तिकरण का संगम कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ मुख्य अतिथि एआरटीओ ऋतु सिंह एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर रामाय सेवा ट्रस्ट की अध्यक्ष श्रीमती वंदना उपाध्याय ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि आपसी कटुता को मिटाकर प्रेम और सद्भाव बांटने का पावन पर्व है। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं की भागीदारी पर जोर देते हुए कहा होली की सांस्कृतिक खुशियां महिलाओं के बिना अधूरी हैं। हमें नारी शक्ति को समाज की मुख्यधारा में और अधिक सशक्त, स्वावलंबी और सक्रिय बनाने का संकल्प लेना चाहिए।लोक गीतों की फुहार और ईको-फ्रेंडली होली समारोह में स्थानीय कलाकारों ने पारंपरिक फाग गीतों और लोक नृत्यों की ऐसी मनमोहक प्रस्तुति दी कि पूरा महाविद्यालय परिसर ‘फागुन’ के रंगों और तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठा। उत्सव को प्रकृति के अनुकूल बनाने के लिए उपस्थित लोगों ने रसायनों के बजाय केवल फूलों और गुलाल से होली खेलकर ‘ईको-फ्रेंडली’ पर्व मनाने का सशक्त संदेश दिया।
महाविद्यालय के प्रबंधक ऋषिकेश उपाध्याय ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से अपील की कि वे उत्सव के दौरान जल संरक्षण का ध्यान रखें और प्रकृति को नुकसान पहुंचाए बिना त्योहारों का आनंद लें। इस दौरान क्षेत्र के तमाम गणमान्य नागरिक, शिक्षाविद और भारी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रही।