अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर आधी दुनियां के अधिकारों पर विमर्श
बस्ती। शनिवार को अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर प्रेस क्लब सभागार में जन शिक्षण संस्थान द्वारा संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ज्वेलरी की प्रदर्शनी के साथ ही प्रशिक्षुओं को प्रमाण-पत्र वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित करते हुये प्रेस क्लब अध्यक्ष विनोद उपाध्याय ने कहा कि अपने देश भारत में आधी दुनियां महिलाओं की आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक स्तर पर काफी विकास हुआ है किन्तु महिला उत्पीड़न के मोर्चो पर अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। कहा कि बेहतर शिक्षा ही वह माध्यम है जिससे महिलाओं की स्थिति में सुधार होगा।
विशिष्ट अतिथि डॉ. संध्या राय, तमन्ना गुप्ता, रमा यादव ने कहा कि केन्द्र और उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरन्तर प्रयत्नशील है। आज महिलायें सेना, रेल के साथ ही अनेक क्षेत्रों में पुरूषों केे समानान्तर अपना योगदान दे रही है। कहा कि महिलायें परिवार, समाज की अभिन्न अंग है और उद्यम के क्षेत्र में भी उनकी पहल लगातार बढ रही है। उनका भविष्य सुरक्षित है और वे निरन्तर कीर्तिमान बना रही है।
जन शिक्षण संस्थान अध्यक्ष विवेकानन्द शुक्ला ने अध्यक्षता करते हुये अन्तराष्ट्रीय स्तर पर महिलाओें की स्थिति, विधिक अधिकार और सामाजिक सरोकारोें पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होने महिलाओं की बदलते परिवेश में भूमिका और सन्दर्भ पर विस्तार से प्रकाश डाला।
जन शिक्षण संस्थान के निदेशक अजय उपाध्याय ने अतिथियों का स्वागत करते हुये कहा कि संस्थान द्वारा महिला उत्थान, उन्हे स्वालम्बी बनाने की दिशा में अनेक प्रयास किये जा रहे हैं और उसके बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं। सिलाई, कटाई, पेन्टिंग, कारपेन्टर, ब्यूटीशियन आदि का प्रशिक्षण लगातार चलता रहता है। इससे महिलायें आत्मनिर्भर बनकर परिवार और देश समाज के लिये योगदान दे रही है।
कार्यक्रम में ज्वेलरी की प्रदर्शनी आकर्षण का केन्द्र रही। कार्यक्रम में मुख्य रूप से रामानन्द नन्हें, अभय उपाध्याय, सुनील शर्मा, अरूण मिश्र, रेनू श्रीवास्तव, अर्चना शुक्ला, अवनीश शुक्ल के साथ ही जन शिक्षण संस्थान के पदाधिकारी, सदस्य और महिलायें उपस्थित रहीं।