शाहजहांपुर में भव्य समापन भागवत कथा की पूर्णाहुति के बाद उमड़ा आस्था का सैलाब, विशाल भंडारे में हजारों ने पाया प्रसाद

 

महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। शाहजहांपुर स्थित ‘साईं विला’ में पिछले नौ दिनों से चल रही संगीतमय श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ का शनिवार, 28 फरवरी को श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ भव्य समापन हो गया। सुबह वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ की पूर्णाहुति हुई, जिसके बाद शाम को आयोजित विशाल भंडारे में क्षेत्रवासियों ने महाप्रसाद ग्रहण किया।
अयोध्या धाम के विद्याकुण्ड से पधारे विख्यात कथा व्यास कौशल्यानन्द वर्धन जी महाराज के मुखारविंद से कथा के अंतिम दिनों में रुक्मणी-सत्यभामा विवाह और जरासंध वध के प्रसंगों ने भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। महाराज जी ने कथा के सार को समझाते हुए कहा कि प्रभु की भक्ति में सच्चा समर्पण ही मोक्ष का मार्ग है और अहंकार का त्याग करना ही मनुष्य का सबसे बड़ा धर्म है। हवन और पूर्णाहुति से गूंजा परिसर शनिवार सुबह मुख्य यजमान वेद प्रकाश गोस्वामी एवं पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य शशि गोस्वामी की उपस्थिति में आचार्य वृंदों ने विशेष अनुष्ठान संपन्न कराया। हवन और पूर्णाहुति के दौरान विश्व कल्याण की कामना की गई। महाप्रसाद के साथ आयोजन का समापन कथा के समापन के पश्चात शाम 7 बजे से विशाल भंडारे का आयोजन शुरू हुआ। भंडारे में क्षेत्र के समस्त नगरवासियों, इष्ट-मित्रों और श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से विधिवत महाप्रसाद ग्रहण किया। आयोजन को सफल बनाने में गोस्वामी परिवार और स्थानीय भक्तों ने पूरी तन्मयता से सेवा दी।