बाघराय पावर हाउस में SSO और लाइनमैन के बीच मारपीट: शटडाउन विवाद में जांच के आदेश
रिपोर्टर अनुराग उपाध्याय
प्रतापगढ़ जिले के बाघराय पावर हाउस में तैनात एसएसओ (SSO) सुनील यादव और एक लाइनमैन के बीच मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना ने पावर हाउस में कर्मचारियों के बीच मनमानी और बदसलूकी के आरोपों को जन्म दिया है। विवाद की शुरुआत शटडाउन देने को लेकर हुई। जानकारी के अनुसार, एसएसओ सुनील यादव पर आरोप है कि वह अधिकृत लाइनमैनों को शटडाउन देने में आनाकानी करते हैं।
वहीं, सूत्रों का दावा है कि सुनील यादव कथित तौर पर पैसों के लेन-देन के बदले ‘प्राइवेट व्यक्तियों’ को फोन पर ही शटडाउन दे देते हैं, जिससे सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि जब एक लाइनमैन ने सुनील यादव से विवेक नामक एक प्राइवेट व्यक्ति को शटडाउन देने का कारण पूछा, तो एसएसओ सुनील यादव गुस्से में आ गए। उन्होंने अपना टिफिन फेंककर लाइनमैन पर हमला कर दिया। इस दौरान सुनील यादव ने कथित तौर पर धमकी देते हुए कहा, “जिससे कहना हो कह दो, मेरा कुछ नहीं होगा।” स्थानीय कर्मचारियों ने सुनील यादव पर ड्यूटी के दौरान नशे में रहने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सुनील यादव की इन हरकतों के कारण पहले भी उनका तबादला बिहार और कटरा पावर हाउस से किया जा चुका है।
कर्मचारियों का यह भी आरोप है कि “मेहरबान अधिकारियों” की वजह से उन्हें दोबारा बाघराय में तैनाती मिल गई है। एसएसओ सुनील यादव ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनके अनुसार, लाइनमैन हेल्पर विपिन सरोज बिना अनुमति मशीनों से छेड़छाड़ करते हैं और पावर हाउस में आकर सोते रहते हैं। सुनील यादव का कहना है कि जब उन्होंने विपिन सरोज को ऐसा करने से मना किया, तो उन्होंने यह साजिश रची है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, जेई (JE) सुरेंद्र कुमार सेन ने कहा है कि वीडियो और घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। बिजली विभाग में शटडाउन की प्रक्रिया सीधे तौर पर कर्मचारियों की जान से जुड़ी होती है। ऐसे में, यदि नशे की हालत में या अनाधिकृत व्यक्तियों को शटडाउन दिया जा रहा है, तो यह कर्मचारियों की सुरक्षा पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है।