साकेत महाविद्यालय एफआईआर के विरोध में शिक्षकों का प्रदर्शन, काली पट्टी बांध जताया विरोध

 

महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। साकेत महाविद्यालय में शिक्षकों पर दर्ज हुई एफआईआर का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। सोमवार को शिक्षक संघ ने इस कार्रवाई के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। अध्यक्ष जनमेजय तिवारी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में शिक्षकों ने अपने हाथों पर काली पट्टी बांधकर प्रशासन के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रमुख मांगें और शिक्षकों का पक्ष
शिक्षकों का तर्क है कि महाविद्यालय की प्रधानाचार्य प्रोफेसर सुचिता पांडे, सी.पी. तिवारी और अजय सिंह समेत अन्य शिक्षकों के विरुद्ध दर्ज की गई प्राथमिकी पूरी तरह अनुचित है। प्रदर्शनकारियों ने निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया। मुकदमा वापसी दर्ज की गई एफआईआर को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। शिक्षा की गरिमा: संघ का मानना है कि इस तरह की दंडात्मक कार्रवाई से शिक्षा जगत की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है। निष्पक्ष जांच प्रशासन से मांग की गई है कि मामले की गहराई से और पारदर्शी जांच की जाए। यह कार्रवाई शिक्षकों के आत्मसम्मान पर चोट है। यदि प्रशासन ने जल्द ही सकारात्मक निर्णय नहीं लिया और मुकदमा वापस नहीं हुआ, तो हम अपने आंदोलन को और भी उग्र करने के लिए विवश होंगे।” — जनमेजय तिवारी, अध्यक्ष (शिक्षक संघ)शांतिपूर्ण रहा आंदोलन
विवाद और रोष के बावजूद, महाविद्यालय परिसर में प्रदर्शन के दौरान पूरी तरह शांति व्यवस्था बनी रही। शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वे लोकतांत्रिक मर्यादाओं के भीतर रहकर तब तक तअपना विरोध जारी रखेंगे, जब तक उनकी न्यायोचित मांगें पूरी नहीं हो जातीं। फिलहाल, इस प्रदर्शन ने प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया है और अब सबकी नजरें पुलिस व शासन के अगले कदम पर टिकी हैं।