लखनऊ: संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री, उत्तर प्रदेश जयवीर सिंह के नेतृत्व और सतत मार्गदर्शन में प्रदेश में ललित कलाओं के संरक्षण, संवर्धन और प्रसार के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी प्रयास के तहत राज्य ललित कला अकादमी, उत्तर प्रदेश (संस्कृति विभाग) द्वारा 15 दिसम्बर, 2025 से तीन दिवसीय आमंत्रित कला प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। प्रदर्शनी का शुभारम्भ अपराह्न 3:00 बजे अकादमी के लाल बारादरी भवन, लखनऊ में होगा।इस प्रदर्शनी में मुख्य अतिथि के रूप में स्वांत रंजन तथा राष्ट्रीय पालक अधिकारी, संस्कार भारती की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। प्रदर्शनी में आमंत्रित कलाकार के रूप में वाराणसी के श्री हरि दर्शन सांख्य अपनी चयनित कलाकृतियाँ प्रस्तुत करेंगे। प्रदर्शित कलाकृतियाँ “हिमालय: आध्यात्मिकता का पावन मौन” विषय पर आधारित होंगी, जिनमें हिमालय की दिव्यता, साधना, नीरवता और आध्यात्मिक चेतना को सशक्त कलात्मक अभिव्यक्ति प्रदान की गई है।संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह की स्पष्ट दृष्टि रही है कि प्रदेश की समृद्ध कला परंपरा को समकालीन संवेदनाओं के साथ जोड़ते हुए कलाकारों को सशक्त और सम्मानजनक मंच उपलब्ध कराया जाए। राज्य ललित कला अकादमी द्वारा आयोजित इस प्रकार की आमंत्रित कला प्रदर्शनियाँ न केवल कलाकारों को पहचान देती हैं, बल्कि कला-संवाद और सांस्कृतिक संवाद को भी प्रोत्साहित करती हैं।राज्य ललित कला अकादमी के निदेशक अमित कुमार अग्निहोत्री ने बताया कि प्रदर्शनी में 15 से 17 दिसम्बर तक प्रतिदिन प्रातः 11:00 बजे से सायं 6:00 बजे तक कला-प्रेमियों और आम नागरिकों के अवलोकनार्थ खुले रहेंगे। अकादमी ने कला-प्रेमियों, कलाकारों, शोधार्थियों एवं आम नागरिकों से प्रदर्शनी में सक्रिय भागीदारी कर आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।यह प्रदर्शनी प्रदेश के युवा कलाकारों को सृजन और नवाचार के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ कला और समाज के बीच सार्थक संवाद स्थापित करने का अवसर प्रदान करेगी।