लखनऊ पुलिस और मेदांता हॉस्पिटल ने पुलिसकर्मियों के लिए CPR एवं BLS प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया

लखनऊ लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट और मेदांता हॉस्पिटल, लखनऊ ने आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिकों के जीवन की रक्षा करने के उद्देश्य से पुलिसकर्मियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पुलिसकर्मियों को कार्डियक अरेस्ट जैसी गंभीर आपात स्थितियों में तत्काल प्रतिक्रिया देने और जीवन बचाने में सक्षम बनाने के लिए आयोजित किया गया।कार्यक्रम मेदांता अस्पताल के नर्सिंग ब्लॉक की छठी मंजिल पर आयोजित किया गया। पुलिस आयुक्त लखनऊ के मार्गदर्शन में यह पहल नागरिकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य बचाव को प्राथमिकता देने के लिए की गई। प्रशिक्षण में पुलिसकर्मियों को कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) और बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) की तकनीकें सिखाई गईं। इस दौरान उन्हें ऑक्सीजन स्तर मापन, रक्तचाप निगरानी और अन्य आपातकालीन चिकित्सा हस्तक्षेप की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी गई।प्रशिक्षण कार्यक्रम में मेदांता हॉस्पिटल के विशेषज्ञों ने इंटरेक्टिव सत्र और वर्कशॉप आयोजित की। इस दौरान 70 से अधिक पुलिसकर्मियों की निःशुल्क स्वास्थ्य जांच भी की गई, जिसमें रक्तचाप, नाड़ी और ऑक्सीजन संतृप्ति जैसी महत्वपूर्ण जांच शामिल थीं। यह पहल पुलिस बल को “गोल्डन ऑवर” के दौरान तत्काल चिकित्सीय सहायता प्रदान करने के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।इस प्रशिक्षण के माध्यम से पुलिसकर्मी न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने बल्कि आपात स्थितियों में नागरिकों के जीवन बचाने की क्षमता भी विकसित करेंगे। इस सहयोग का सामाजिक महत्व भी अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह नागरिक-पुलिस-चिकित्सा के त्रिपक्षीय सहयोग का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत करता है। भारत में हर वर्ष लगभग 1.7 लाख लोग कार्डियक अरेस्ट के शिकार होते हैं और प्रशिक्षित पुलिसकर्मी इस संख्या को कम करने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। साथ ही, इस पहल से आम जनता और पुलिस के बीच विश्वास और सहयोग का सेतु भी मजबूत होगा।भविष्य में लखनऊ के सभी 54 थानों के पुलिसकर्मियों को चरणबद्ध तरीके से यह प्रशिक्षण दिया जाएगा। मेदांता हॉस्पिटल नियमित अंतराल पर प्रशिक्षण सामग्री और रिफ्रेशर कोर्स भी उपलब्ध कराएगा। यह सुनिश्चित करेगा कि प्रशिक्षित पुलिसकर्मी अपनी दक्षता बनाए रखें और आपातकालीन परिस्थितियों में तेजी से प्रतिक्रिया कर सकें।इस अवसर पर डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि यह प्रशिक्षण पुलिस बल को दुर्घटनास्थल पर तत्काल सहायता देने में सक्षम बनाएगा और समाज में जीवनरक्षक दक्षता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देगा। पुलिस आयुक्त, लखनऊ ने बताया कि पुलिसकर्मी अक्सर दुर्घटनास्थल पर पहले पहुंचते हैं और उनका प्रशिक्षित होना ‘गोल्डन ऑवर’ का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित करेगा। संयुक्त पुलिस आयुक्त अमित वर्मा ने भी कहा कि यह पहल पुलिसकर्मियों का आत्मविश्वास बढ़ाएगी और उन्हें जनस्वास्थ्य की रक्षा में अग्रणी बनाएगी।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से लखनऊ पुलिस अब न केवल कानून और व्यवस्था बनाए रखने में बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिकों के जीवन बचाने में भी सक्षम होगी, जिससे पुलिस बल की बहुआयामी भूमिका और प्रभावशीलता सुनिश्चित होगी।