अखिल भारतीय व्यावसायिक परीक्षा की तैयारियाँ तेज, जिलाधिकारियों को जारी हुए विस्तृत निर्देश

लखनऊ व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता विभाग, उत्तर प्रदेश ने अखिल भारतीय व्यावसायिक परीक्षा, दिसंबर 2025 की तैयारियों को गति देते हुए सभी जिलाधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश भेजे हैं। प्रमुख सचिव हरिओम द्वारा जारी पत्र में बताया गया है कि विभिन्न व्यवसायों की प्रयोगात्मक परीक्षाएँ 15 दिसंबर से 19 दिसंबर 2025 तक आयोजित की जाएँगी, जबकि सैद्धांतिक विषयों की परीक्षाएँ 24 दिसंबर से 28 दिसंबर 2025 के बीच कराई जाएँगी। परीक्षकों के अनिवार्य सत्यापन की अंतिम तिथि 09 दिसंबर से 26 दिसंबर 2025 निर्धारित की गई है।निर्देशों के अनुसार परीक्षकों का सत्यापन केवल उन व्यक्तियों का किया जाएगा जो डीजीटी, भारत सरकार, के निर्धारित मंच पर विधिवत पंजीकृत हों। यदि किसी जिले में पंजीकृत परीक्षकों की संख्या पर्याप्त नहीं होती है, तो नोडल राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान की अध्यक्षता में गठित समिति ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित करेगी। समिति अभ्यर्थियों के शैक्षिक अभिलेख, योग्यता और अनुभव की जाँच कर अनुमोदन देगी ताकि परीक्षा प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए।इस उद्देश्य से तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है। इसमें जिलाधिकारी द्वारा नामित सदस्य अध्यक्ष होंगे, नोडल राजकीय आईटीआई के प्रधानाचार्य सदस्य होंगे, और जिले के किसी अन्य राजकीय आईटीआई के प्रधानाचार्य या वरिष्ठतम कार्यदेशक को सदस्य बनाया गया है। यह समिति डीजीटी के तय मानकों के अनुसार परीक्षकों का चयन सुनिश्चित करेगी, जिससे प्रयोगात्मक परीक्षाएँ समय पर और सुचारू रूप से संपन्न हो सकें।प्रमुख सचिव हरिओम ने सभी जिलाधिकारियों से कहा है कि अधिक से अधिक परीक्षकों को पंजीकरण के लिए प्रेरित किया जाए और परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार सत्यापन की प्रक्रिया समयबद्ध रूप से पूरी की जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रयोगात्मक परीक्षाओं में किसी प्रकार की देरी या परीक्षकों की कमी न होने पाए, इसके लिए नोडल प्रधानाचार्य आवश्यक कार्यवाही समय पर सुनिश्चित करें।