लखनऊ योगी सरकार तकनीकी शिक्षा को उद्योग-उन्मुख बनाकर युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ने के लक्ष्य पर तेजी से काम कर रही है। इसी दिशा में ‘पॉलीटेक्निक चलो अभियान-2026’ के सफल क्रियान्वयन को लेकर लखनऊ में अपर मुख्य सचिव प्राविधिक शिक्षा नरेन्द्र भूषण की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में अभियान को प्रदेशव्यापी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने की रणनीति पर विस्तार से विचार किया गया।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद द्वारा तैयार की गई विस्तृत प्रस्तुति को प्रदेश के सभी जनपदों में व्यापक स्तर पर प्रसारित किया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा छात्र-छात्राएँ तकनीकी शिक्षा से जुड़ सकें। इस दौरान डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऑडियो-विजुअल प्रचार सामग्री के उपयोग को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया, जिससे अभियान की पहुंच अधिक प्रभावी और आकर्षक बन सके।अपर मुख्य सचिव नरेन्द्र भूषण ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उद्योगों की मांग और आधुनिक तकनीकी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अभ्यर्थियों को इंडस्ट्री-ओरिएंटेड डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के प्रति जागरूक किया जाए। उन्होंने बदलते औद्योगिक परिवेश के अनुरूप नए कोर्स शुरू करने पर सहमति जताई, जिससे छात्र नवीनतम तकनीकी कौशल प्राप्त कर सकें और प्रशिक्षण पूरा करते ही रोजगार अवसरों से जुड़ सकें।बैठक में प्रस्तुत आंकड़े तकनीकी शिक्षा की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाते हैं। वर्ष 2024 में 4,12,759 अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन किया था और 1,15,444 छात्रों को प्रवेश मिला था, जबकि वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 4,25,993 आवेदन और 1,34,628 प्रवेश तक पहुंच गई। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि युवा तकनीकी शिक्षा की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं।बैठक में प्राविधिक शिक्षा विभाग के प्रमुख अधिकारी—महानिदेशक प्राविधिक शिक्षा सेल्वा कुमारी जे., विशेष सचिव विनोद कुमार, निदेशक प्राविधिक शिक्षा अजीज अहमद, निदेशक शोध विकास एवं प्रशिक्षण संस्थान एफ.आर. खान, सचिव प्राविधिक शिक्षा परिषद संतोष कुमार तथा संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद के संजीव कुमार सिंह उपस्थित रहे।