टिहरी पंप स्टोरेज प्लांट की तीसरी इकाई से यूपी को मिली नई ऊर्जा क्षमता

लखनऊ देश को ऊर्जा क्षेत्र में आज एक और बड़ी उपलब्धि मिली, जब 1000 मेगावाट क्षमता वाली देश की पहली वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज परियोजना, टिहरी पंप स्टोरेज प्लांट की तीसरी यूनिट का वाणिज्यिक संचालन विधिवत शुरू किया गया। इस शुभारंभ में केंद्रीय विद्युत एवं आवास तथा शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर और उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा वर्चुअल रूप से उपस्थित रहे। तीसरी यूनिट के संचालन से उत्तर प्रदेश की ऊर्जा क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी और उपभोक्ताओं को सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।टिहरी पीएसपी देश की प्रथम पंप स्टोरेज परियोजना है, जिसमें वेरिएबल स्पीड तकनीक का उपयोग किया गया है। यह तकनीक ऑफ-पीक घंटों में अतिरिक्त उत्पादित बिजली को स्टोर करके आवश्यकता के समय ग्रिड में 1000 मेगावाट तक की शक्ति उपलब्ध कराने में सक्षम है। परियोजना की पहली दो इकाइयाँ पहले ही सफलतापूर्वक ऊर्जा उत्पादन कर रही हैं, जबकि तीसरी इकाई के जुड़ने से इसकी प्रभावशीलता और बढ़ गई है। इस तकनीक के माध्यम से बिजली की मांग के अनुरूप रियल टाइम ऊर्जा स्टोरेज और रिलीज संभव होगा, जिससे राष्ट्रीय ग्रिड की स्थिरता और सुदृढ़ होगी तथा नवीकरणीय ऊर्जा को भी निर्बाध रूप से जोड़ा जा सकेगा।ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने तीसरी इकाई के सफल संचालन पर उत्तर प्रदेश की जनता को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने बताया कि इस यूनिट से उत्पादित बिजली का 25 प्रतिशत हिस्सा उत्तर प्रदेश को मिलेगा, जिससे राज्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में बड़ी सहूलियत होगी। शर्मा ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर का आभार व्यक्त करते हुए आशा जताई कि परियोजना की चौथी इकाई भी आगामी महीनों में शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए यदि उत्तर प्रदेश सरकार की किसी भी प्रकार की सहायता की आवश्यकता हुई तो राज्य तत्पर रहेगा।इस अवसर पर केंद्रीय राज्य ऊर्जा मंत्री श्रीपाद नाइक, यूपी के अपर मुख्य सचिव ऊर्जा नरेंद्र भूषण, भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के सचिव पंकज अग्रवाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअली जुड़े