मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेला: 230वें आयोजन में 1.94 लाख से अधिक लोग लाभान्वित, स्वास्थ्य सेवाओं ने फिर जीता जनविश्वास

लखनऊ प्रदेश में जनसामान्य को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं सरल, सुलभ और निःशुल्क उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रारंभ किए गए मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले का 230वां आयोजन 7 दिसंबर 2025 को पूरे उत्तर प्रदेश में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2020 में शुरू की गई इस पहल ने स्वास्थ्य सेवाओं को गांव-गांव और समुदायों तक पहुँचाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। समय के साथ यह मेला स्वास्थ्य जांच, उपचार, गोल्डेन कार्ड वितरण और जागरूकता कार्यक्रमों के कारण जनता के बीच बेहद लोकप्रिय होता गया है।आज आयोजित मेले में कुल 1,94,219 लोग लाभान्वित हुए, जिनमें 81,186 पुरुष, 81,771 महिलाएं और 31,262 बच्चे शामिल रहे। मेले के दौरान 1,045 गंभीर रोगियों को आवश्यक चिकित्सा सुविधा हेतु उच्चतर स्वास्थ्य संस्थानों को रेफर किया गया, जबकि 4,893 गोल्डेन कार्ड मौके पर बनाकर वितरित किए गए।स्वास्थ्य सेवाओं की सुचारू व्यवस्था हेतु आज के मेले में 5,323 चिकित्सकों, 15,269 पैरामेडिकल स्टाफ तथा 2,337 आईसीडीएस कर्मियों ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। बड़ी संख्या में आए 14,337 फीवर केसों की जांच की गई। डेंगू के 1,890 टेस्ट किए गए, जिनमें 5 लोग पॉजिटिव पाए गए। इसके अलावा 185 कोविड एंटीजन टेस्ट किए गए, जिनमें कोई भी केस पॉजिटिव नहीं मिला, जिससे प्रदेश में कोविड की स्थिति नियंत्रित बनी हुई है।मेले के माध्यम से लोगों को न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाएं मिलीं, बल्कि व्यक्तिगत स्वच्छता और पर्यावरणीय स्वच्छता के महत्व के बारे में भी जागरूक किया गया। जलजनित रोगों से बचाव, मच्छरों से होने वाली बीमारियों की रोकथाम, मौसमी बीमारियों से बचने के उपाय और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर विशेष जोर दिया गया। तंबाकू सेवन के दुष्प्रभाव, गैर-संचारी रोगों से बचाव, संतुलित आहार, व्यायाम और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े प्रश्नों का समाधान भी विशेषज्ञों द्वारा किया गया।गंभीर मरीजों के लिए मुफ्त एंबुलेंस की व्यवस्था की गई, ताकि उन्हें समय पर उच्च चिकित्सा केंद्रों तक पहुंचाया जा सके। शुद्ध पेयजल, बैठने की व्यवस्था और पम्पलेट्स के माध्यम से योजनाओं की जानकारी देकर लोगों को व्यापक रूप से जागरूक किया गया।अब तक आयोजित सभी 230 मेलों में कुल 14.20 करोड़ लोग स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ ले चुके हैं। इनमें से 3,68,399 गंभीर मरीजों को उच्च संस्थानों में रेफर किया गया है, जबकि 19,79,229 गोल्डेन कार्ड बन चुके हैं, जो आयुष्मान भारत के तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को निःशुल्क इलाज उपलब्ध कराने में मदद करते हैं।मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेला जनस्वास्थ्य को मजबूत करने की दिशा में लगातार अपनी उपयोगिता सिद्ध कर रहा है। प्रदेश सरकार ने इसे स्वास्थ्य सुरक्षा का प्रमुख माध्यम बना दिया है, जिससे समाज के अंतिम छोर तक भी स्वास्थ्य सुविधाएं आसानी से पहुंच रही हैं।