अयोध्या में ‘सेवा की प्रतीक’ डॉ. अनुराधा मौर्या का भव्य सम्मान, आचार्य स्कंद दास ने बताया नई पीढ़ी की प्रेरणा स्रोत

 

जवाहिर चंद्रावती सेवा ट्रस्ट की अध्यक्षा डॉ. अनुराधा मौर्या को प्रयास ट्रस्ट का सम्मान, अयोध्या में गूँजी सराहना

अयोध्या की सामाजिक चेतना को नई ऊँचाई दे रहीं डॉ. अनुराधा मौर्या – आचार्य स्कंद दास

समाज सेवा के क्षेत्र में अग्रणी डॉ. अनुराधा मौर्या का सम्मान, महिलाओं–वंचितों के लिए किए कार्यों की हुई प्रशंसा

महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या धाम l मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम की पावन धरती पर जवाहिर चंद्रावती सेवा ट्रस्ट की अध्यक्षा डॉ. अनुराधा मौर्या उर्फ शालिनी मौर्या को उनके निरंतर सामाजिक योगदान, निस्वार्थ सेवा भाव और समाज उत्थान के अद्वितीय कार्यों के लिए प्रयास ट्रस्ट द्वारा आज भव्य रूप से सम्मानित किया गया। यह सम्मान प्रयास ट्रस्ट के संरक्षक बलराम यादव द्वारा उन्हें प्रदान किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों और स्थानीय नागरिकों ने भी डॉ. अनुराधा मौर्या की सेवाओं की भरपूर सराहना की। अयोध्या मीडिया सेंटर के निदेशक आचार्य स्कंद दास का बड़ा बयान सम्मान समारोह में उपस्थित अयोध्या मीडिया सेंटर के निदेशक, प्रख्यात विचारक एवं सामाजिक चिंतक आचार्य स्कंद दास ने डॉ. अनुराधा मौर्या की प्रशंसा करते हुए कहा कि “डॉ. अनुराधा मौर्या सिर्फ एक समाजसेविका नहीं, बल्कि अयोध्या की नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा-स्त्रोत हैं। इनके अंदर सेवा का जो भाव है, वह विरले ही देखने को मिलता है। इन्होंने बिना किसी स्वार्थ के समाज के कमजोर वर्गों, महिलाओं, दिव्यांगों और जरूरतमंदों के लिए जो कार्य किए हैं, वह अयोध्या की सामाजिक चेतना को एक नई ऊँचाई देता है। ऐसे व्यक्तित्व को सम्मान देना वास्तव में अयोध्या की गरिमा बढ़ाने जैसा है।” आचार्य स्कंद दास ने कहा कि “यदि अयोध्या का हर नागरिक डॉ. अनुराधा मौर्या जैसे कर्मयोगियों से प्रेरणा ले ले, तो निस्संदेह हमारा समाज सेवा और समरसता का आदर्श केंद्र बन सकता है।” डॉ. अनुराधा मौर्या के सेवा की मिसाल देने के लिए लोग मजबूर हो जाते है जिसमें डॉ. अनुराधा मौर्या ने बीते वर्षों में गरीब परिवारों के लिए सहायता अभियान, शिक्षा एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम, महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए विशेष कार्यशालाएँ, वृद्धजनों एवं दिव्यांगजनों के सहयोग हेतु नियमित सेवा गतिविधियाँ जैसे अनेकों कार्य किए, जिन्होंने उन्हें जनमानस के बीच ‘सेवा की प्रतीक’ बना दिया है। अयोध्या की इस पुण्यभूमि पर डॉ. अनुराधा मौर्या का यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तित्व और कार्यों की उपलब्धि है, बल्कि समाज सेवा के पथ पर चलने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए एक प्रेरक संदेश भी है।