सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन के प्रति जागरूकता हेतु आयोजित हुआ विधिक साक्षरता / जागरूकता शिविर
रिपोर्टर संजय शर्मा
अम्बेडकर नगर । उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ द्वारा प्रेषित प्लान ऑफ एक्शन 2025-26 के अनुपालन में चन्द्रोदय कुमार, जनपद न्यायाधीश / अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर के आदेशानुसार एवं भारतेन्दु प्रकाश गुप्ता, अपर जिला जज / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर के निर्देशानुसार आज दिनांक 17.11.2025 को सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन दिवस के अवसर पर संयुक्त जिला चिकित्सालय, अम्बेडकरनगर में विधिक साक्षरता / जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उक्त विधिक साक्षरता / जागरुकता शिविर में डा० पी०एन०यादव, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, सुंयक्त जिला चिकित्सालय, डा० हर्षित गुप्ता, चिकित्सालय प्रबन्धक, डा० अंजली पाठक, स्त्री रोग विशेषज्ञ, श्री रमेश राम त्रिपाठी, चीफ, एल०ए०डी०सी०एस०, श्री शरद पाण्डेय, सहायक, एल०ए०डी०सी०एस० संयुक्त जिला चिकित्सालय के कर्मचारीगण, जि०वि०से०प्रा० के कर्मचारीगण, पी०एल०वी० द्वारा प्रतिभाग किया गया।
सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन के प्रति जागरूकता के सम्बन्ध में संयुक्त जिला चिकित्सालय में आयोजित साक्षरता शिविर में डा० पी०एन०यादव, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, सुंयक्त जिला चिकित्सालय, द्वारा बताया गया कि सर्वाइकल कैंसर दुनिया भर में महिलाओं में कैंसर और कैंसर से संबन्धित मौतों का एक प्रमुख कारण है। भारत में यह एक प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या है। लेकिन संगठित स्क्रीनिंग कार्यक्रमों के साथ इसमें सुधार होने की उम्मीद है। सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिये महिलाओं का नियमित रूप से अपनी जांच करवानी चाहिये, हर तीन साल में पैप स्मीयर टेस्ट करवाना चाहिये, धूम्रपान से बचना चाहिये व अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिये स्वास्थयवर्धक आहार एवं व्यायाम आदि पर जोर देना चाहिये।
डा० हर्षित गुप्ता, चिकित्सालय प्रबन्धक, द्वारा बताया गया कि यह एक प्रकार का कैंसर है जो गर्भाशय कोशिकाओं की अनियमित वृद्धि की वजह से होता है। यह एचपीवी वायरस यानी हयूमन पेपीलोमा वायरस की वजह से होता है।
डा० अंजली पाठक, स्त्री रोग विशेषज्ञ द्वारा बताया गया कि नियमित स्त्री रोग सम्बन्धी जांच भी सर्वाइकल कैंसर का शीघ्र पता लगाने और उपचार में मदद करता है। सर्वाइकल कैंसर की पहली स्टेज में आपरेशन या रेडियोथेरेपी द्वारा उपचार संभव है। यदि कैंसर दूसरी स्टेज से ऊपर है तो रेडियो थैरेपी के साथ कीमोथेरेपी के प्रयोग से इस पर विजय पाई जा सकती है। एडवांस स्टेज पर भी रोगी के लक्षणों को काबू किया जा सकता है। आखिरी स्टेज में भी इम्यूनोथेरेपी से इसको काबू किया जा सकता है, इसलिये इस बीमारी को लेकर बहुत ज्यादा डरने की जरूरत नहीं है। कैंसर के लक्षणों को समय रहते जान लिया जाय तो इसका निदान संभव है।
रमेश राम त्रिपाठी, चीफ, एल०ए०डी०सी०एस० द्वारा सर्वाइकल कैंसर के बचाव के बारे में अपने विचार व्यक्त कियें