अयोध्या में ‘धम्म समागम’ का आयोजन डॉ. अंबेडकर के विचारों और बौद्ध धर्म के संदेशों पर हुआ गहन विचार-विमर्श

 

महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। जीवन साथी मैरिज लॉन, देवकाली बाईपास में आज महाबोधि, महाविहार, बौद्धगया, मुक्ति आंदोलन के जनसमर्थन और धम्म दीक्षा दिवस के उपलक्ष्य में एक महत्वपूर्ण एक दिवसीय धम्म समागम का सफल आयोजन किया गया। मुख्य आकर्षण मुख्य अतिथि: इस समागम के मुख्य अतिथि क्रांतिकारी पूज्य भंते विनाचार्य जी रहे, जिनका मार्गदर्शन अनुयायियों के लिए प्रेरणादायक रहा। उद्देश्य: कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महाबोधि महाविहार मुक्ति आंदोलन को समर्थन देना और डॉ. बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर द्वारा बौद्ध धर्म अपनाने के ऐतिहासिक ‘धम्म दीक्षा दिवस’ का स्मरण करना था।
वक्ताओं का संदेश कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अनुयायी, सामाजिक कार्यकर्ता और बौद्ध समाज के लोग उपस्थित रहे। मंच से वक्ताओं ने निम्नलिखित महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डाला डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचार: वक्ताओं ने बाबासाहेब के जीवन और उनके क्रांतिकारी विचारों पर विस्तार से बात की। बौद्ध धर्म के संदेश: गौतम बुद्ध के समानता, भाईचारा और मानवता के मूल संदेशों को समाज में प्रचारित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। सामाजिक जागरूकता: सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि समाज में जागरूकता और शिक्षा का प्रसार करने के लिए हमें बाबा साहब के दिखाए मार्ग पर दृढ़ता से चलना होगा।
उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण आयोजन में स्थानीय और क्षेत्रीय पदाधिकारियों सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिन्होंने बौद्ध समाज के विचारों को मजबूती प्रदान की।
धम्म समागम का सफल संचालन संयोजक मंडल द्वारा किया गया, जिसने पूरे कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप से संचालित किया। यह आयोजन समाज में सद्भाव, शिक्षा और समानता के विचारों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रहा।