रुबे प्रताप मौर्य और नित्यानंद यादव की अगुवाई में शांतिपूर्ण अयोध्या के नए घाट पर दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन

 

महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। दशमी के बाद भी अयोध्या के नए सरयू घाट पर दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ निरंतर जारी है। घाट का पूरा वातावरण जयकारों, ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों से पूरी तरह भक्तिमय हो गया है, जहाँ दूर-दराज के क्षेत्रों से भक्तगण माँ दुर्गा को विदाई देने के लिए उमड़ रहे हैं। विभिन्न क्षेत्रों से पहुँचे श्रद्धालु
विसर्जन के लिए आने वाले भक्तों में केवल अयोध्या के आसपास ही नहीं, बल्कि दूर के क्षेत्रों से भी लोग शामिल हैं। मया बाजार, पूरा बाजार, दर्शन नगर, हर्रैया, छावनी, विक्रमजोत, परशुरामपुर, पटकापुर, सिकंदरपुर, चोरी, कोल्हापुर, कटरा, नवाबगंज, वजीरगंज, डुमरिया, डीह सहित अनेक क्षेत्रों से भक्तगण अपनी प्रतिमाएँ लेकर श्रद्धापूर्वक नए घाट पर पहुँच रहे हैं। भाव-विभोर श्रद्धालु नम आँखों से माँ दुर्गा को विदाई देते नज़र आए।
सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम
पूरे विसर्जन कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। जल पुलिस टीम घाट पर मुस्तैदी से तैनात रही, जिसकी कमान प्रभारी रूबे प्रताप मौर्य ने संभाली। उनके साथ कांस्टेबल नित्यानंद यादव, सचिन पाल, मेहर सिंह, अखिलेश यादव, पंकज पाल ने सक्रिय भूमिका निभाई। इसके अतिरिक्त, पुलिस मित्रों का सहयोग भी श्रद्धालुओं की सुविधा और मार्गदर्शन में महत्वपूर्ण रहा। विजय कुमार, शिवम सोनी, अभिषेक, रघुबीर शुक्ला आदि पुलिस मित्रों ने अथक प्रयास किए।
गोताखोर और नाविक दल का सराहनीय योगदान जल सुरक्षा और विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की मदद में गोताखोर व नाविक दल लगातार सक्रिय रहे। जगनू माझी, मौरि, गोलू माझी, संजय माझी, प्रवेश माझी, बबलू माझी, मिथुन माझी, अवधेश माझी जैसे सदस्यों ने सरयू नदी में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए तत्परता दिखाई। समस्त सुरक्षाकर्मी, पुलिस मित्र, गोताखोर और नाविक दल की सक्रियता और समर्पण के कारण विसर्जन कार्यक्रम पूरी शांति, श्रद्धा और सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न हो रहा है।