अयोध्या सरयू जयंती पर जगमगाई सरयू तट, भव्य आरती में उमड़ा संत समाज

 

महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। धर्मनगरी अयोध्या में सरयू जयंती का पावन पर्व मंगलवार को अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आंजनेय सेवा समिति के तत्वावधान में माँ सरयू की भव्य और दिव्य आरती का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में संतों, महंतों और श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ कमाया। सरयू तट रोशनी से जगमगा उठा और वैदिक मंत्रोच्चार से वातावरण गुंजायमान हो गया।
आरती में प्रमुख रूप से राष्ट्रीय अध्यक्ष- संकट मोचन सेना पूज्य श्री संजय दास जी महाराज (निर्वाणी अनी अखाड़ा), श्रीमहंत मुरली दास जी महाराज (निर्वाणी अनी अखाड़ा), महंत राजेश दास जी महाराज पहलवान, बड़ा स्थान के पूज्य महंत देवेन्द्रप्रसादाचार्य जी महाराज, रामकुंज के पूज्य महंत डॉ रामानन्द दास जी महाराज, और तुलसी छावनी के श्रीमहंत जनार्दन दास जी महाराज सहित आदि की संख्या में अनेक प्रतिष्ठित संत और महंत उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आरंभ होते ही सरयू तट पर भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। संतों की उपस्थिति से आरती का महत्व और भी बढ़ गया। सभी अतिथियों का स्वागत और अभिनंदन सरयू आरती समिति के अध्यक्ष महंत शशिकांत दास जी महाराज और पत्थर मंदिर के महंत मनीष दास जी ने गर्मजोशी से किया। उन्होंने सभी संत-महंतों को अंगवस्त्र भेंट कर उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया। आरती के दौरान सरयू के पवित्र जल में दीप प्रज्वलित कर प्रवाहित किए गए, जिससे अनुपम छटा बिखर गई। सैकड़ों की संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने जयघोष कर मां सरयू के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। आंजनेय सेवा समिति के सदस्यों ने बताया कि सरयू जयंती पर हर वर्ष इस प्रकार के आयोजन किए जाते हैं ताकि सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं को अक्षुण्ण रखा जा सके। यह आयोजन अयोध्या की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत को दर्शाता है और शहर के धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा देता है।
आरती के समापन के बाद उपस्थित सभी संत-महंतों और श्रद्धालुओं ने सरयू मैया से अयोध्या और देश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर स्थानीय प्रशासन के अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस पुण्य कार्यक्रम में अपनी सहभागिता दर्ज कराई। यह भव्य आयोजन अयोध्या की धार्मिक एकता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बन गया।