अयोध्या ( दैनिक अनुराग लक्ष्य ) महर्षि महेश योगी रामायण विश्वविद्यालय में शुक्रवार को एक विशेष प्राचार्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी का उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता और नवाचार को बढ़ावा देना तथा विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के बीच समन्वय स्थापित करना रहा।
कार्यक्रम में रतीश गुप्ता, निदेशक – कॉरपोरेट अफेयर्स एवं शिवम यादव, जनसंपर्क अधिकारी की उपस्थिति रही। उन्होंने शिक्षा के समग्र विकास पर अपने विचार साझा किए और विश्वविद्यालय की भावी योजनाओं एवं पहलों की जानकारी दी।
विचार विमर्श के दौरान नई शिक्षा नीति, डिजिटल लर्निंग, नैतिक शिक्षा, और ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को लेकर सार्थक चर्चाएं हुईं। रतीश गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा, “महर्षि महेश योगी रामायण विश्वविद्यालय केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। हमें मिलकर शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और सहयोग को बढ़ाना होगा।”
शिवम यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय के कुलाधिपती श्री अजय प्रकाश श्रीवास्तव और गवर्निंग बॉडी के मेंबर श्री राहुल भारद्वाज जी और श्री पंकज शर्मा जी के मार्गदर्शन में रामायण विश्वविद्यालय अब अपना साकार रूप ले चुका है, और महर्षि जी का वो सपना पूरा होने को है जो उन्होंने 90 के दशक में अयोध्या में तकनीक के सहयोग से शिक्षा प्रदान करने के लिए देखा था।
संगोष्ठी में प्रीती त्रिवेदी, CMD, वर्क वेब ग्लोबल, रीना तिवारी प्रिंसिपल मिलनियम पब्लिक स्कूल, गोण्डा, विष्णु गुप्ता अवध इंटरनेशनल स्कूल अयोध्या, चारु यादव GD गोयनका स्कूल, अयोध्या, बिन्नी सिंह टाइनी टॉट्स स्कूल अयोध्या एवं आस-पास के विभिन्न विद्यालयों और कॉलेजों के प्राचार्यों ने हिस्सा लिया।