महाराणा प्रताप जयंती पर देशभक्ति से ओतप्रोत हुआ समारोह, मूर्ति स्थापना की घोषणा

जितेन्द्र पाठक

संतकबीरनगर जिले के मेहदावल स्थित भडारी (हावपुर),गांव में

परम देशभक्त और महान शूरवीर महाराणा प्रताप की जयंती पर शुक्रवार को करूणानिधान मैरेज हॉल, हावपुर भडारी में भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रभक्ति की भावना और क्षत्रिय गौरव का अद्वितीय संगम देखने को मिला।

कार्यक्रम की अध्यक्षता मेहदावल विधायक माननीय अनिल त्रिपाठी ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में यूथ आइकन अवॉर्डी व वरिष्ठ भाजपा नेता प्रदीप सिसोदिया उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. संजय सिंह (जिलाध्यक्ष, राजपूत करणी सेना), हरिओम सिंह अंकित, सूरज सिंह, दिलीप सिंह, क्रांति सिंह, अंशुमान सिंह, आशीष मिश्रा, अजीत पाल, और अन्य कई गणमान्य उपस्थित रहे।

समारोह का शुभारंभ महाराणा प्रताप जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। तत्पश्चात अतिथियों का पुष्पमालाओं से स्वागत और समाज के वृद्धजनों को मंच पर सम्मानित किया गया।

प्रमुख वक्तव्यों की झलक:

मुख्य अतिथि प्रदीप सिसोदिया ने कहा, “राणा प्रताप सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि एक विचारधारा हैं। उनका जीवन देशभक्ति, त्याग और मातृभूमि के लिए संघर्ष का प्रतीक है। उन्होंने जंगलों में रहकर भी अकबर की अधीनता स्वीकार नहीं की। आज के युवाओं को राणा प्रताप से प्रेरणा लेकर राष्ट्रहित में कार्य करना चाहिए।”

कार्यक्रम अध्यक्ष अनिल त्रिपाठी ने राणा प्रताप की मूर्ति स्थापना की मांग पर घोषणा करते हुए कहा, “मैं अपने विधानसभा क्षेत्र में महाराणा प्रताप की प्रतिमा इस वर्ष स्थापित करूंगा। यह हम सभी के लिए सौभाग्य की बात होगी।”

राजपूत करणी सेना के जिलाध्यक्ष डॉ. संजय सिंह ने कहा, “राणा प्रताप युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। जो लोग हमारे महापुरुषों का अपमान करते हैं, उन्हें आने वाले चुनावों में जनता जवाब देगी।”

वहीं अधिवक्ता महीप बहादुर पाल ने कहा, “राणा प्रताप ने विपरीत परिस्थितियों में भी देश की रक्षा की। आज भी देश को उसी भावना की आवश्यकता है।”

कार्यक्रम आयोजन समिति में सूरज सिंह, हरिओम सिंह अंकित, अंकुर सिंह, अंशुमान सिंह व अन्य युवाओं की अहम भूमिका रही। कार्यक्रम को सफल बनाने में कई सामाजिक कार्यकर्ताओं व गणमान्यजनों का योगदान रहा।

इस आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया कि राणा प्रताप का आदर्श आज भी समाज में जीवित है और उनके विचार आने वाली पीढ़ियों को सशक्त बनाते रहेंगे।