दिव्यांग कलाकारों को मिलेगा हर दो माह में एक कार्यक्रम,

लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार ने दिव्यांग कलाकारों की आजीविका को ध्यान में रखते हुए संस्कृति विभाग द्वारा पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों में आंशिक संशोधन किया है। अब दिव्यांग कलाकारों को हर दो माह में कम से कम एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रस्तुति का अवसर मिलेगा। यह जानकारी प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी।मंत्री ने बताया कि यह निर्णय पूरी तरह जनहित को ध्यान में रखते हुए लिया गया है ताकि दिव्यांग कलाकारों को नियमित रूप से कार्यक्रम मिल सकें और उनकी रोजी-रोटी में सहूलियत हो। इसके लिए 27 दिसंबर, 2022 को जारी दिशा-निर्देशों में आवश्यक संशोधन करते हुए नया आदेश जारी कर दिया गया है।संस्कृति विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने कलाकारों के पंजीकरण से जुड़े दिशा-निर्देशों में भी स्पष्टता लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल उत्तर प्रदेश मूल के कलाकारों का ही पंजीकरण किया जाएगा। यदि कोई कलाकार राज्य के बाहर निवास करता है, लेकिन उत्तर प्रदेश मूल का है, तो उसके पास उत्तर प्रदेश का आधार कार्ड होना अनिवार्य होगा।जयवीर सिंह ने कहा कि पंजीकरण की प्रक्रिया में किए गए इन बदलावों का उद्देश्य प्रदेश के कलाकारों को अधिक से अधिक मंच देने की व्यवस्था सुनिश्चित करना है। उन्होंने यह भी कहा कि संस्कृति विभाग एवं उससे संबद्ध संस्थाओं के माध्यम से प्रदेश में कला, संस्कृति और लोक परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास जारी हैं, और कलाकारों के हितों की रक्षा सरकार की प्राथमिकता है।