पीर बाबा अब्दुल शाह करीम रह,अलैह का 129 वाँ उर्स संपन्न, ऐ खुदा आज की शब लाल ओ गुहर हो जाए,,,,

अनुराग लक्ष्य, 8 मई
सलीम बस्तवी अज़ीज़ी
मुम्बई संवाददाता ।
मुम्बई संवाददाता ।
मुंबई के सायन स्टेशन के करीब जैन सोसाइटी में हज़रत पीर बाबा अब्दुल करीम शाह कादरी का 129 वाँ उर्स ए मुबारक अपने रवायती अंदाज़ में संपन्न हुआ। जिसमें हज़ारों ज़ायरीनों ने अपने अपने अकीदत के नज़राने पेश किए।
गुस्ल, गुल पेशी और संदल की रस्म अदायगी के साथ महफिल ए मीलाद का भी आयोजन किया गया। देर रात तक चले पीर बाबा मस्जिद में शायरों और उलमा हज़रात ने अपने नूरानी बयानात से महफिल को खुशनुमा बना दिया।
इस अवसर पर शायरों में सरे फिहरिस्त शायरे इस्लाम सलीम बस्तवी अज़ीज़ी ने अपने कई मयारी खूबसूरत नातिया कलाम से समयीन को बाग बाग कर दिया, उनका कलाम,
,,, ऐ ख़ुदा आज की शब लाल ओ गुहर हो जाए,
ख्वाहिश ए दिल है कि तैबा का सफर हो जाए,
है तमन्ना यही ज़िंदा हैं जो तारीकी में,
ऐसे इन्सानों की दुनिया में सहर हो जाए,,,
इसी क्रम मे मौलाना हज़रत मेराज ख़ान हबीबी ने भी अपनी तकरीर और हम्द ओ नात पेश करते हुए हज़रत पीर बाबा अब्दुल करीम शाह की रूहानी शख्सियत को सामयीन से रूबरू कराया।
इसी फेहरिस्त में मेहमान ए खुसूसी हज़रत ए अल्लामा मौलाना जनाब अब्दुल जब्बार साहब ने हज़रत पीर बाबा अब्दुल करीम शाह कादरी की विलायत को सरकार ए गौस ए पाक से लेकर अब तक चले आ रहे वालियों की फेहरिस्त बताया। जो आज भी बदस्तूर जारी है। हज़रत पीर बाबा अब्दुल करीम शाह कादरी उसी फेहरिस्त का एक हिस्सा हैं।
प्रोग्राम को कामयाब बनाने में, महफिल ए मीलाद में मस्जिद के सेक्रेट्री नईम खान, पेश इमाम हाफ़िज़ सलमान, सेराज खान, अकरम शेख, समेत तमाम पदाधिकारियों का सहयोग सराहनीय रहा। महफिल ए मीलाद का समापन दुरूद ओ सलाम के साथ हुआ।