नेत्र चिकित्सा में क्रांति! 15,000 से ज्यादा सर्जरी कर चुके हैं डॉ. अमित कुमार पटेल

अंबेडकरनगर। राजकीय मेडिकल कॉलेज अंबेडकरनगर के प्रोफेसर एवं नेत्र विभागाध्यक्ष डॉ. अमित कुमार पटेल ने नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में क्रांतिकारी योगदान दिया है। एमबीबीएस और नेत्र विज्ञान (MS Ophthalmology) की पढ़ाई करने के बाद, उन्होंने BRD मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर में 2006 से 2009 तक अध्ययन किया और फिर 2009-2011 तक वहीं सीनियर रेजीडेंट के रूप में कार्य किया। वर्ष 2011 से वे राजकीय मेडिकल कॉलेज अंबेडकरनगर में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं और वर्तमान में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक की भी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। डॉ. अमित कुमार पटेल अब तक 15,000 से अधिक नेत्र सर्जरी सफलतापूर्वक कर चुके हैं। इनमें प्रमुख रूप से मोतियाबिंद (Cataract), ग्लूकोमा (Glaucoma) और पलक संबंधी सर्जरी शामिल हैं। उनके नेतृत्व में हर साल करीब 1000 सर्जरी होती हैं।

डॉ. पटेल ने अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की है कि यदि किसी बच्चे को क्लासरूम में ब्लैकबोर्ड पर लिखे अक्षर साफ नहीं दिखते तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएँ। साथ ही ग्रामीणों से आग्रह किया कि खेतों में काम करने के दौरान आँख में चोट लगने पर लापरवाही न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, क्योंकि सही समय पर इलाज न मिलने से आँखों का अल्सर बढ़ सकता है, जिससे रोशनी जाने का खतरा रहता है।

डॉ. पटेल के अनुसार, सर्दियों में हर दिन लगभग 40-50 मोतियाबिंद के मरीज मेडिकल कॉलेज आते हैं, जिन्हें जाँच के बाद ऑपरेशन के लिए तिथि दी जाती है। मौसम का मोतियाबिंद सर्जरी पर असर नहीं पड़ता, लेकिन गर्मियों में थोड़ी ज्यादा सावधानी बरतनी होती है। नेत्र विशेषज्ञों की सलाह है कि 50 वर्ष से अधिक उम्र के हर व्यक्ति को नियमित रूप से आँखों की जाँच करानी चाहिए, खासतौर पर आँखों की रोशनी और तनाव (Eye Pressure) की जांच जरूरी है, ताकि समय पर इलाज हो सके और दृष्टिहीनता से बचा जा सके।

राजकीय मेडिकल कॉलेज अंबेडकरनगर में नेत्र चिकित्सा की यह सेवाएँ क्षेत्र के लोगों के लिए वरदान साबित हो रही हैं।