महाकुंभ में पानी में डूबे व्यक्ति को खोजेगा वाटर ड्रोन कैमरा

  गंगा यमुना में अगर किसी घाट पर स्नान करते वक्त व्यक्ति गहरे पानी में समा जाता है तो उसे जल्द ही वाटर ड्रोन कैमरा खोज लगा। इसकी मदद से पानी में डूबने वाले व्यक्ति को फौरन बाहर निकालकर जान भी बचाई जा सकती है और जल की सतह पर छिपी किसी संदिग्ध वस्तु को भी तलाशा जा सकता है।
वाटर ड्रोन कैमरे का प्रयोग महाकुंभ-2025 में पहली बार होगा। इसकी सहायता से जहां पीड़ित परिवार को घाट पर बैठकर लंबी प्रतीक्षा इंतजार नहीं करनी पड़ेगी, वहीं जल पुलिस के जवानों और गोताखोरों को भी काफी सहूलियत रहेगी।
अधिकारियों ने बताया कि महाकुंभ के लिए 30 स्कूटर नाव, 10 रेस्क्यू बोट, पांच एंबुलेंस बोट सहित कई अन्य संसाधन भी जल पुलिस को उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि पानी की संवेदनशीलता के अनुसार टीम काम करने में सक्षम रहे। इस बार महाकुंभ का दायरा भी बढ़ाया गया है, जिसके लिए जरूरी उपकरण लिए जाएंगे।पुलिस की ओर से भी कवायद की जा रही है। श्रद्धालुओं, स्नानार्थियों की सुरक्षा को लेकर विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं और उसी के अनुसार संसाधन को भी जुटाया जा रहा है।
अभी तक मेले में संगम से लेकर गंगा-यमुना के घाटों पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, बाढ़ राहत पीएसी दल, जल पुलिस के जवान और प्राइवेट गोताखोरों को सुरक्षा के लिए लगाया जाता है, जो डूबने वाले व्यक्ति को बचाने का काम करते हैं। गहराई में जाकर डूबे चुके महिला अथवा पुरुष को यही जवान खोजते भी हैं, जिनके सर्च आपरेशन में कई बार अधिक समय लगता है। इसे देखते हुए महाकुंभ में वाटर ड्रोन कैमरे के प्रयोग पर जोर दिया गया है।
 पुलिस अधिकारियों की ओर से इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया गया है। कहा गया है कि शासन से स्वीकृति मिल जाएगी और उसके बाद खरीद शुरू होगी। वाटर ड्रोन कैमरा आने पर उसके संचालन के लिए संबंधित पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित भी किया