मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी के अवसर पर आगामी महाकुंभ के लिए प्रातः शुभ मुहूर्त में गंगा प्रसाद शुक्ल के आचार्यत्व में इक्कीस अन्य ब्राह्मणों द्वारा मोरी मार्ग के दक्षिण पट्टी में आदिशंकराचार्य भगवान द्वारा स्थापित चार आम्नाय शांकर पीठ में से ज्योतिष्पीठ और द्वारकापीठ के शिविर में भूमि पूजन ब्रह्मचारी शंकर स्वरूप के द्वारा सम्पन्न हुआ।
द्वारका शारदापीठ के शिविर प्रभारी मंहत श्रीधरानन्द ब्रह्मचारी ने बताया की आज उत्तम मुहूर्त में पूजा करके कार्य आरम्भ कर दिया गया है। द्वारकापीठ के शिविर में पूरे पर्व के दौरान अनेकों धार्मिक अनुष्ठान, प्रवचन होंगे। पूज्यपाद द्वारका शारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री सदानन्द सरस्वती जी महाराज के दर्शन का लाभ सबको मिलेगा।
ज्योतिष्पीठ शिविर के कुम्भ मेला प्रभारी मुकुन्दानन्द ब्रह्मचारी ने बताया कि 100 करोड से अधिक सनातन धर्मियों के लिए ये सबसे बडा पर्व है , इस महापर्व पर ‘परमाराध्य’ परमधर्माधीश उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शङ्कराचार्य स्वामिश्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ‘१००८’ जी महाराज के सान्निध्य पूरे मास धार्मिक विषयों पर निर्णय हेतु परमधर्मसंसद् के अनेकों सत्र होंगे। जिसमें सभी धार्मिक समसामयिक विषयों पर शंकराचार्य जी महाराज अपना निर्णय सुनाएंगे।
भूमिपूजन के कार्यक्रम में स्वामी विद्याचैतन्य जी, स्वामी विचित्रानन्द जी, अपर मेलाधिकारी विवेक चतुर्वेदी जी, उप मेलाधिकारी श्री विवेक शुक्ल जी , संजय ममगाई जोनल अधिकारी, लवकुश महाराज, देवेंद्र त्रिपाठी पीलीकोठी, अवधेश त्रिपाठी, अनूप त्रिपाठी रईस चंद्र शुक्ला, रवि उपाध्याय, आलोक पांडे रघुनाथ द्विवेदी, रामचंद्र शुक्ल, विद्याकांत पाण्डेय, संजय मिश्र, राम सजीवन शुक्ल, पशुपतिनाथ पंडा, नीरज शुक्ला एडवोकेट चन्दन तिवारी, आर्यशेखर , विकास दुबे राजेश मिश्रा, उदित त्रिपाठी, सोमजी शास्त्री दशामेध मंदिर आदि अनेकों भक्तजन उपस्थित रहे।