🪔 *ओ३म्* 🪔
🪷 नबाबगंज में वैदिक शंखनाद!🪷
यतीवर लक्ष्मण की राजधानी लखन ऊ से बहती हुई *वेद ज्ञान की गंगा* श्रीराम की नगरी अयोध्या धाम से होकर *आर्यसमाज नबाबगंज जनपद गोंडा* पहुच ग ई। जहां पर आर्यों का *विराट संगम* हो रहा है। चुतुर्थ दिवसीय वेदज्ञान गंगा के क्रम में आज प्रथम दिवसीय कार्यक्रम इस प्रकार सम्पन्न हुए।
🌸 *वैदिक अग्निहोत्र*🌸
सर्वप्रथम वेद की पावन ऋचाओं द्वारा देवयज्ञ सम्पन्न हुआ।इस अवसर पर आर्य समाज मंदिर नबाबगंज के यशस्वी प्रधान श्री सत्य प्रकाश जी *मुख्य यजमान* रहे। उप्रधान सहित समस्त पदाधिकारियों महर्षि दयानन्द बाल विद्यालय के *शिक्षक/शिक्षिकाओं एवं प्रधानाचार्या सहित छात्र/छात्राओं ने प्रतिभाग* किया। यज्ञोपरांत पंडिता रुक्मिणी शास्त्री जी का भजनोपदेश हुआ।आशीर्वाद के पश्चात 🚩 ओ३म् ध्वज 🚩 फहराया गया।
🏵️ *भब्य शोभायात्रा*🏵️
मध्यावधि में आर्य समाज मंदिर में स्थापित महर्षि दयानन्द बाल विद्या मंदिर परिवार व विद्वानों के पावन नेतृत्व एवं प्रशासन की देखरेख में विशाल शोभायात्रा संपूर्ण नगर में निकाली ग ई।जगह-जगह पर *आर्य वीरों का शौर्य प्रदर्शन* देख नगर वासी भाव विभोर हो उठे।शोभायात्रा में *महर्षि दयानन्द के गुणगान,देश भक्ति,समाज सुधार व प्रेरणा के सुमधुर गीतों* को गाया गया। परिव्राजक गणेश मुनि ने भी वैदिक गीत सुनाए।
🍁 *नारी गौरव गाथा*🍁
रात्रिकालीन सभा में आर्य समाज मंदिर के *भब्य सभागार* में नारी गौरव गुणगान पर विद्वानों के भजन एवं वेदोपदेश सम्पन्न हुए।
नारी यदि बहन है तो प्यार का *दर्पण* है। नारी यदि पत्नी है तो खुद का *समर्पण* है।नारी यदि भाभी है तो भावना का *भंडार* है। नारी यदि मामी,मौसी,बुआ है तो *स्नेह का सत्कार* है।नारी यदि काकी है तो कर्तब्य की *साधना* है। नारी यदि साथी है तो सुख की सतत *संभावना* है । नारी यदि मां है तो परमात्मा की *अनुभूति* है।

आचार्य सुरेश
*वैदिक प्रवक्ता*