हिरासत में लिया गया शक्ति सिंह हत्याकांड का एक आरोपित

बस्ती: सितंबर उत्तर प्रदेशके बस्ती जिले में अयोध्या में विवादित ढांचा गिराने के आरोपित रहे बजरंग दल के पूर्व प्रदेश संयोजक रहे रमेश प्रताप सिंह के बेटे शक्ति की अपहरण के बाद हत्या में नामजद आरोपित युवक पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। शनिवार को उसे हिरासत में लेकर पुलिस अधिकारियों की ओर से घंटो पूछताछ देर रात तक जारी रही। हालांकि शुरूआती पूछताछ व घटना स्थल पर उसकी मौजूदगी के सबूत पुलिस अभी नहीं जुटा सकी है। बता दें कि पूर्व विधायक राना कृष्ण किंकर सिंह के बेटे राना नागेश प्रताप सिंह व उसके साथियों ने पहले शक्ति सिंह का अपहरण कर लिया था। आरोप है कि अपहरण के बाद उसकी हत्या कर शव को बोरे में भरकर उसमें पत्थर डाल कर दुबौलिया थानाक्षेत्र के तटबंध के किनारे नदी में फेंक दिया गया था। पुलिस ने अपहरण के तीसरे दिन शव को बरामद कर मोर्चरी में रखवा दिया था। जब शक्ति के भाई विक्रम सिंह को पता चला तो उसने मोर्चरी में शव की पहचान अपने भाई शक्ति के रूप में की। नगर पुलिस ने भाई की तहरीर पूर्व विधायक राना कृष्णकिंकर सिंह के बेटे राना नागेश प्रताप सिंह, रवि सिंह, शैलेश सिंह, मनोज शुक्ला व एक अन्य समेत पांच लोगों पर अपहरण व हत्या करके शव को ठिकाने लगाने का मुकदमा दर्ज किया था। बजरंग दल के चर्चित नेता रहे रमेश प्रताप सिंह अयोध्या में विवादित ढांचा गिराने के मामले में पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवानी, उमा भारती, अशोक सिंघल के साथ मुकदमें में सह आरोपित थे। वह जनपद ही नहीं प्रदेश के बड़े हिंदू वादी नेताओं में शामिल रहे। 2018 में उनकी बीमारी से मृत्यु हो चुकी है। उनके बेटे की हत्या में भाजपा नेता राना नागेश प्रताप सिंह शामिल बताए जा रहे हैं। पूर्व विधायक राना कृष्ण किंकर सिंह व रमेश प्रताप सिंह के बीच पुरानी रंजिश चली आ रही थी। रमेश प्रताप सिंह के पिता पहलवान सिंह की हत्या में पूर्व विधायक राना किंकर आरोपित थे। इसी रंजिश को लेकर दोनों परिवार हमेशा आमने-सामने हो जाते थे। बाद में दोनो के बीच सुलह होने की भी बात बताई जाती है। फिलहाल वर्तमान में रमेश सिंह व पूर्व विधायक राना कृष्ण किंकर सिंह दोनों इस दुनिया में नहीं हैं। लेकिन अब इनके बेटों के बीच फिर एक बार अपहरण व हत्या खूनी दौर शुरू हो गया है।