संवाद सेतु’ पहल से प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बढ़ेगा सीधा संवाद

लखनऊ। जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रदेश में ‘संवाद सेतु’ पहल की शुरुआत की जा रही है। इसके तहत चयनित जनपदों में अत्याधुनिक ‘जिला संपर्क एवं कमांड सेंटर’ स्थापित किया जाएगा, जो जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच प्रभावी संचार कड़ी का कार्य करेगा।अधिकारियों द्वारा जनप्रतिनिधियों के फोन न उठाने का मुद्दा विधानसभा में उठाए जाने के बाद समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने इस व्यवस्था का सुझाव दिया था। इसके बाद हरदोई, गाजियाबाद और कन्नौज के जिलाधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक कर 25 फरवरी से इन जनपदों में व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया गया।नई प्रणाली के तहत यदि कोई अधिकारी जनप्रतिनिधि की कॉल का 10 मिनट के भीतर जवाब नहीं देता है, तो जनप्रतिनिधि कमांड सेंटर को सूचित कर सकेंगे। सेंटर संबंधित अधिकारी को तत्काल कॉल बैक के निर्देश देगा और इसकी पुष्टि तक निगरानी रखेगा।इस व्यवस्था के लिए विशेष सॉफ्टवेयर और समर्पित स्मार्टफोन का उपयोग किया जाएगा, जिससे अधिकारियों के रिस्पॉन्स टाइम का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाएगा। कमांड सेंटर में प्रशिक्षित ऑपरेटर तैनात रहेंगे और अधिकारियों की उपलब्धता का रियल-टाइम डेटा भी उपलब्ध रहेगा।
सरकार का मानना है कि इस पहल से प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ेगी, संवादहीनता पर रोक लगेगी और जनसमस्याओं का समाधान अधिक प्रभावी व समयबद्ध तरीके से हो सकेगा।