अनुराग लक्ष्य, 19 सितंबर
सलीम बस्तवी अज़ीज़ी
मुम्बई संवाददाता ।
,,,जो गुज़रती है अंधेरे में, गुज़र जाती है, पैर ठोकर में लगे या किसी की जां जाए,,,
जी हां, इस वक्त यही सच्चाई है जैन सोसाइटी सायन और धारावी को जोड़ने वाला धोबी घाट रेलवे ब्रिज इस वक्त अधिकतर अंधेरों में ही डूबा दिखाई देता है।
24 घंटों आमद ओ रफ्त का यह धोबी घाट रेलवे ब्रिज सायन से आने वाले रहवासियों के लिए इतना महत्वपूर्ण है कि अगर इस रास्ते को बंद कर दिया जाए तो सायन जैन सोसाइटी वालों को कम से कम दो किलो मीटर की दूरी तय कर के धारावी सब्जी मंडी पहुंचना पड़ेगा। लेकिन अफसोस इस वक्त यह धोभी घाट रेलवे ब्रिज बिल्कुल अंधेरे में डूबा रहता है।
अगर इस रेलवे ब्रिज की विद्युत व्यवस्था शीघ्र ही नहीं संचालित की गई तो कोई भी घटना दुर्घटना घट सकती है। क्योंकि इस रेल्वे ब्रिज से ज़्यादा तर स्कूली बच्चों और महिलाओं का गुज़र होता है। 
अंधेरे के कारण सायन और धारावी के रहवासियों में काफी रोष है लेकिन इस तरह संबंधित लोगों का ध्यान अभी नहीं जा रहा है।