अगर है देखना दुनिया यह कितनी खूबसूरत है, मुहब्बत कीजिए यह आपकी पहली ज़रूरत है, सलीम बस्तवी अज़ीज़ी,,,,
अनुराग लक्ष्य, 19 सितंबर
सलीम बस्तवी अज़ीज़ी,
मुम्बई संवाददाता ।
,, अगर है देखना दुनिया यह कितनी खूबसूरत है
मुहब्बत कीजिए यह आपकी पहली ज़रूरत है
हुई है आरती मंदिर में, मस्जिद में अज़ानें भी
मुहब्बत करने का इस वक्त कितना शुभ मुहूरत है ,,,
आज इस समाचार को लिखते वक्त मेरे ज़हन में मेरा यही कलाम गूंजा, इसलिए इस बात को यहीं से शुरू कर रहा हूं।
मुंबई वासियों के लिए गणेश चतुर्थी उतना ही महत्वपूर्ण तेवहार है जैसे कि उत्तर प्रदेश या और प्रांतों में दुर्गा पूजा, और साथ में मुहम्मद साहब की यौम ए वेलादत पर बारह रबीउल अव्वल का मुकद्दस तेव्हार पड़ जाना। इन दोनों तेवहारों के एक साथ पड़ जाने पर अवाम में एक अजीब सी कश्मकश चल रही थी, लेकिन जिस खूबसूरती के साथ मुंबई वासियों ने इसे संपन्न किया, उसे भी नकारा नहीं जा सकता। इसी बाबत अनुराग लक्ष्य संवाददाता सलीम बस्तवी अज़ीज़ी ने जब अवाम से उनकी राय जाननी चाही तो बहुत ही खूबसूरत तस्वीर उभर कर सामने आई। आइए जानते हैं मुंबई के कुछ बुध जीवियों के विचार,
मौलाना जुनैद अशर्फी,,, 
मदीना मस्जिद के नायब इमाम जुनैद साहब अशर्फी ने बहुत ही अच्छी बात कही कि हमारा मुल्क दरअसल हमेशा ही बहुत खूबसूरत रहा है और इसकी तस्वीर ऐसे ही रहेगी। इस पर कोई और दूसरा रंग नहीं चढ़ सकता। इस मुल्क के हिन्दू मुस्लिम का जो रिश्ता है उसे कोई भी नहीं तोड़ सकता। यह हमेशा एक दूसरे के दुख सुख के भागीदार बनें हैं और बने रहेंगे। यही हमारा इतिहास है।
निर्माता, निर्देशक संजय वत्सल,,,,,
अपनी बात को मुस्कुराहट में तब्दील करते हुए कहते हैं कि सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तां हमारा, हम बुलबुलें हैं इसकी यह गुलसेतां हमारा। यही सच्चाई है, इसे स्वीकार कर ना ही पड़ेगा। बाकी तो समय के साथ बहुत कुछ बदलता है, और बदलता रहेगा। लेकिन अगर कुछ नहीं बदलेगा तो इस देश की भाई चारगी, हिंदू मुस्लिम इस देश की दो आंखें हैं। और इन आंखों में भारत को समृद्ध होते हुए देखा जाए तो यह देश दुनिया के नक्शे पर सबसे निराला देश बनकर उभरेगा।
समाज सेवी नईम खान,,, 
मानव कल्ल्याड संघर्ष मंच फाउंडेशन के संस्थापक नईम खान चूंकि एक सामाजिक संस्था के संस्थापक हैं, इसलिए उन्हें यह बात बहुत अच्छी लगी कि हमारी चर्चा सामाजिक सौहार्द पर होने जा रही है। अपनी खुशी ज़ाहिर करते हुए कहते हैं कि आप बहुत ही नेक काम कर रहे हैं जो अवाम को एक दूसरे के करीब लाने का काम कर रहे हैं।
कहते हैं कि मुझे नहीं लगता कि इस मुल्क के हिन्दू और मुस्लिम समुदाय के बीच कोई मतभेद है या भेद भाव है। जो कुछ भी है वोह हमारी सियासत में है। अगर हम इस देश की ओछी मानसिकता वाले सियासत दानों को समझ जाएं तो कभी भी हिंदू मुस्लिम भाइयों के बीच कोई बैर हो ही नहीं सकता। क्योंकि, सब अपने हैं, कोई गैर नहीं, अपना तो किसी से बैर नहीं।
डॉक्टर फारूकी,,,,
डॉक्टर फारूकी एक ज़िम्मेदार चिकित्सक ही नहीं बल्कि एक खूबसूरत इंसान भी हैं। उन्होंने अपने जज़्बात की बयान बाज़ी कुछ इस तरह से की, भारत देश हमारा महान था, महान है और महान ही रहेगा। क्योंकि पूरी दुनिया में एक यही ऐसा देश है जहां से एकता अखंडता और भाईचारगी का संदेश पूरे विश्व को जाता है। जितनी जातियां और धर्म के लोग भारत की सरजमीन पर हैं। उतना किसी देश में नहीं। यही वजह है कि भारत विरोधी शक्तियां इसे तोड़ने पर लगी रहती हैं। इसे बचाने की ज़रूरत है। यह हमारी, आपकी और सारे देश वासियों की ज़िम्मेदारी है ।