विद्यार्थी परिषद के जोरदार आंदोलन से झुका विश्वविद्यालय प्रशासन,एलएलबी की परीक्षा तिथि में होगा संशोधन

 

महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद अवध विश्वविद्यालय इकाई द्वारा एलएलबी परीक्षा व अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तिथि एक होने के कारण विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा तिथि संशोधन ना करने के विरोध में धरना प्रदर्शन कर आंदोलन किया गया तत्पश्चात कुलपति ने अभाविप की मांगों को मानते हुए एलएलबी परीक्षा की तिथि को 18 से 25 जुलाई के मध्य न करने का निर्णय लिया है। गौरतलब है कि एक सप्ताह पूर्व अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने परीक्षा नियंत्रक को इस विषय के संदर्भ में ज्ञापन सौंपा था वा कार्यवाही की मांग की थी किंतु सप्ताह पर बीत जाने के बाद भी परीक्षा नियंत्रण व विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा कोई निष्कर्ष नहीं दिया गया जिससे आक्रोशित होकर आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय के कौटिल्य भवन को घेर लिया वह उसके प्रवेश द्वार पर खड़े होकर नारेबाजी करने लगे विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं ने घंटो तक धरना प्रदर्शन किया कुलपति से मिलने की मांग पर अड़े रहे कई दौर में
कुलानुशासक प्राक्टोरियल बोर्ड द्वारा विद्यार्थियों को समझने का प्रयास किया गया किंतु विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने कुलपति को नीचे बुलाने की मांग पर अपने धरना प्रदर्शन को जारी रखा अंत में कुलपति जब नीचे नहीं आई तो विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ता आक्रोशित होकर प्रवेश द्वार के अंदर गए और पुलिस से नोंकझोंक को व लंबी झड़प के बाद विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं ने कुलपति ऑफिस पहुंचकर कुलपति से भेंट की व कुलपति से इस विषयों के संदर्भ में अपनी मांगे रखी कुलपति ने मांगों को सुनते हुए उस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए उन परीक्षा तिथियां में 18 से 25 जुलाई के मध्य परीक्षा न कराने का आश्वासन कार्यकर्ताओं को दिया व विश्वविद्यालय की अनियमितताओं से जुड़ी अन्य मांगों पर परिषद कार्यकर्ताओं ने बिंदुवार कुलपति का ध्यान आकृष्ट कराया। विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार का आलम यह है कि जिस समय आंदोलन चल रहा था उसी समय एक विद्यार्थी जिससे अवैध रूप से पैसे लिए गए थे वह भी धरने में शामिल हुआ उसने अपनी पीड़ा बताई और वह भी आंदोलन में शामिल हुए।विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा विश्वविद्यालय को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया।कई दौर में पुलिस के जवान कार्यकर्ताओं को धमकाते रहे लेकिन विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं का हौसला नहीं डिगा।अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने क्रमशः भाषण करते हुए नारेबाजी करते हुए आंदोलन को जारी रखा और लगभग सभी बिंदुओं पर विश्वविद्यालय का ध्यान आकृष्ट कराते रहे।आंदोलन को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय मंत्री अंकित शुक्ला ने कहा कि विश्वविद्यालय के कुलपति का यह रवैया विश्वविद्यालय के हित में नहीं है विश्वविद्यालय का विद्यार्थी आज कुलपति व प्रशासनिक व्यक्तियों से मिलने के लिए चक्कर काटता रहता है किंतु उससे कोई मिलता नहीं है। विश्वविद्यालय में पठन पाठन का वातावरण संवाद के अभाव में सूना पड़ा है।आज विद्यार्थी अपने आप को विश्वविद्यालय का अंग नहीं मान पा रहा है।यह विश्वविद्यालय की संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है कि जब विद्यार्थियों को अपनी परीक्षा की तैयारी करनी चाहिए तो वह आज आंदोलन कर रहा है।एलएलबी परीक्षा की तिथि में संशोधन विद्यार्थियों के हित में था किंतु उस विषय पर भी कुलपति की संवेदनहीनता इस बात का परिचायक है कि कुलपति व प्रशासनिक व्यक्ति विद्यार्थियों के हितों और मुद्दों के प्रति गंभीर नहीं है।आने वाले समय में यदि कुलपति महोदय विश्वविद्यालय के वातावरण को सुधारने के लिए प्रयास जारी नहीं करते हैं तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद क्रमश: क्रमिक आंदोलन के माध्यम से विश्वविद्यालय को सुधारने के लिए प्रतिबद्ध रहेगी।
महानगर मंत्री सत्यम दुबे ने कहा कि यदि कुलपति महोदय विद्यार्थियों के मुद्दे के प्रति पहले से संवेदनशील हो जाती तो आज इतनी गर्मी में विद्यार्थी को अपनी परीक्षा की तैयारी करने के बजाय आंदोलन करने की आवश्यकता ना पड़ती विभाग संयोजक शशांक सिंह विद्यार्थी ने कहा कि साकेत महाविद्यालय से लेकर अवध विश्वविद्यालय आज शिक्षा के परिसर खंडार बन चुके हैं विश्वविद्यालय व महाविद्यालय में अनियमितताओं का दौर जारी है व्यवस्थाएं की हालत जर्जर है और इसलिए विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ता आंदोलन के लिए प्रतिबद्ध है विश्वविद्यालय की कुलपति जो विश्वविद्यालय के लिए अभिभावक समान है उनके द्वारा यह किस प्रकार का कृत किया जाना विश्वविद्यालय के खिलाफ है और विश्वविद्यालय के शिक्षक कर्मचारी छात्र आज सब इन सब विषयों से आहत है इसलिए आज विद्यार्थी परिषद ने इस लड़ाई को अपने हाथ मे लिया है और विश्वविद्यालय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता नेतृत्व करते हुए आंदोलन को सही दिशा में सकारात्मक दिशा में ले जा रहे हैं प्रांत के स्कूली विद्यार्थी कार्य संयोजक राणा आशुतोष सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है किसी भी विभाग में आप जाइए ना पीने का पानी है ना छात्राओं के लिए सुलभ शौचालय की व्यवस्था है प्रांत खेलो भारत संयोजक अंशुमान सिंह ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता किसी पुलिस प्रशासन से डरने वाले नहीं है जो विश्वविद्यालय पठन-पाठन के वातावरण का होना चाहिए आज विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस को बुलाकर यहां की अराजकता को समाज के सामने प्रदर्शित किया है बर्दाश्त नहीं है यह विधि छात्र आकाश रंजन ने कहा कि हम लोग अपनी समस्याएं लेकर निरंतर प्रशासन के लोगों से मिलने का प्रयास करते रहे लेकिन जब तक हमें विद्यार्थी परिषद का साथ नहीं मिला तब तक विश्वविद्यालय प्रशासन के किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति ने हमसे मिलना भी मुनासिफ नहीं समझा जब कार्यकर्ताओं के साथ मिलने गए तो ज्ञापन लिया गया किंतु 6 दिन बाद भी उस पर कोई कार्यवाही नहीं की गई आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के लोग जब हमारे साथ आकर आंदोलन कर रहे हैं तो हमें विश्वास है कि हमको न्याय मिलकर रहेगा
विश्वविद्यालय के मंत्री शेषमणि ने कहा कि कई दौर में हम लोगों ने ज्ञापन दिए हैं लेकिन ज्ञापन का कोई भी जवाब आज तक हमको नहीं मिला है यह विश्वविद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी का परिचायक है कि यहां के लोग कितने जिम्मेदार हैं इसलिए इनको अपनी आदत में विद्यार्थियों से मिलना उनकी समस्याओं को सुनना अपनी आदत में लाना पड़ेगा। आंदोलन में प्रमुख रूप से विभाग कार्यालय मंत्री दुर्गेश तिवारी महानगर सहमंत्री अंश जयसवाल साकेत इकाई अध्यक्ष मानवेन्द्र प्रताप सिंह,महेश पांडेय प्रियांशु तिवारी जय प्रकाश कुंदन सिंह आदित्य सिंह अनुराग शुक्ला अतुल तिवारी ऋषभ पांडेय आदित्य सिंह प्रवेंद्र सिंह शिवांश तिवारी आदर्श चतुर्वेदी आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहें।

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