रहती उनके होठों पर अब, देख सदा मुस्कान ।
लगते प्यारे प्रियतम मेरे ,मोहक सूरत जान ।।
आ कर मेरे जीवन में वो, दिया मुझे है प्यार।
मानूँ मैं तो उनको अपना , बने संग आधार। ।
रहे सलामत मेरे साजन, देते मुझको मान ।
रहती उनके होठों पर अब, देख सदा मुस्कान।।
उनको पाकर भूल गई मैं , अपने सब अवसाद।
प्रियतम साथ रहे अब मेरे, ईश्वर से फरियाद।।
दिल से दिल का तार जुड़ा है, गाती मीठी गान।
रहती उनके होठों पर अब, देख सदा मुस्कान।।
देखती एकटक तुमको मैं तो, पाती कुछ ही बोल।
मेरे प्रियतम के अब आगे, कहीं नहीं अनमोल।।
तुमसे है अब मेरा जीवन, मेरी निज पहचान।
रहती उनके होठों पर अब, देख सदा मुस्कान।।
अंजना सिन्हा “सखी ”
रायगढ़