आतंकवाद के प्रति सटीक और तत्काल निर्णय जरूरी भारत

सीमापार से होने वाले किसी भी आतंकवादी कृत्य का जवाब देने के लिए प्रतिबद्ध है। विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने यह प्रतिबद्धता दोहराई है। विदेश मंत्री शुक्रवार को ‘यह भारत क्यों मायने रखता है: युवाओं के लिए अवसर और वैश्विक परिदृश्य में भागीदारीÓ विषय पर बोल रहे थे। 2008 में हुए मुंबई हमलों का जवाब देने को लेकर संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन यानी संप्रग सरकार पर निशाना साधने हुए उन्होंने कहा कि काफी चर्चा के बावजूद कोई सार्थक परिणाम नहीं निकला। उन्होंने माना पाकिस्तान पर हमला करने की कीमत उस पर हमला न करने से अधिक होगी। 2014 में आतंकवाद की शुरुआत नहीं हुई, यह मुंबई हमले के साथ नहीं हुई, बल्कि यह 1947 में हो चुकी थी। उन्होंने कश्मीर हमले को आतंकवादी कृत्य माना। शिवशंकर ने कहा कि वे गांव और शहर जला रहे थे, लोगों की नृशंस हत्या कर रहे थे। 2014 के बाद भारत की विदेश नीति में आए बदलावों को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस देश से संबंध बनाए रखना मुश्किल है, वह है पाकिस्तान है। पाकिस्तान समेत अन्य देशों में मारे गए आतंकवादियों के पीछे भारत का हाथ होने वाली ब्रिटिश अखबार ‘गार्जियनÓ में छपी खबरों का भी उन्होंने तीव्र प्रतिकार करते हुए इन खबरों का तीव्र खंडन किया। ऐसा पहली बार नहीं है, जब विदेश मंत्री जयशंकर ने अपनी बात सख्ती से दोटूक अंदाज में रखी। विश्व पटल पर भारत की छवि मोदी सरकार ने लगातार बदली है। यह कहना कि आतंकवादी किसी नियम से नहीं चलते, उन्हें जवाब भी वैसे ही मुंहतोड़ तरीके दिया जाना चाहिए। राष्ट्रीय हितों का पालन करते हुए भारत दुनिया के तमाम देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध बनाए रखने तथा मानवाधिकारों का सम्मान और बहुपक्षवाद पर केंद्रित रहता है। आज भारत के लिए हालात इतने साजगार हो चुके हैं कि तमाम चुनौतियों के बावजूद वैश्विक अगुवा बने रहने और दुनिया को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर अपनी स्पष्ट राय रखने में भारत हिचकता नहीं। नि:संदेह हम उभरती हुई अर्थव्यवस्था हैं, इसलिए विदेशी निवेश, संयुक्त उद्यम और निर्यात के क्षेत्र में भारत की अर्थव्यवस्था प्रदर्शन बेहतर नजर आ रहा है। ऐसे में सीमापार से होने वाले आतंकवादी उपद्रव को लेकर यदि कड़ाई नहीं बरती जाती है तो न केवल भारत की छवि धूमिल होती है, बल्कि आतंकवाद के प्रति सटीक और तत्काल निर्णय न लेने के कारण देश की अखंडता और शांति भी खंडित होती है जिसे बनाए रखना सरकार की महती जिम्मेदारी है।

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