अनुराग लक्ष्य, 16 मार्च
सलीम बस्तवी अज़ीज़ी,
मुम्बई संवाददाता ।
इतिहास साक्षी है त्वारीख शाहिद है कि सत्य और अहिंसा के साथ जब जब ईमानदारी की मशाल लेकर कोई जनसेवा के लिए अपने जीवन को देश या समाज को समर्पित करता है, तो वो इंसान इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाता है।
भारतीय राजनीति का एक ऐसा चेहरा जो विगत कई वर्षों से गरीबों और मजदूरों के हक की लड़ाई लड़ने के साथ साथ राष्ट्र को एक नई दिशा देने के लिए देश व्यापी रैलियों के साथ पूरे देश का भरमड़ कर रहे हैं। इसी क्रम में आज शनिवार को उनका आगमन बहुचर्चित धारावी का भी उनका गुज़र होना है। और जनसभा को भी संबोधित करना सुनिश्चित है। जिसमें देश की वर्तमान स्थित के साथ धरावी बचाओ आंदोलन को भी विशेष रूप से समाहित किया गया है।
स्वागत की तैयारियों से ऐसा लगता है कि राहुल गांधी का क्रेज देश में एक नए इंकलाब के साथ देश में बदलाव भी ज़रूर लायेगा।
उनकी इस भारत जोड़ो न्याय यात्रा पर मैं सलीम बस्तवी अज़ीज़ी इतना ज़रूर कहूंगा कि,
,, है जो इस मुल्क का हकदार अभी बाकी है
जिसके हाथों में हो पतवार अभी बाकी है
जिसके आने से महक उट्ठे यह सारा गुलशन
ऐसी इस मुल्क में सरकार अभी बाकी है,,,,