
अनुराग लक्ष्य, 22 फरवरी
सलीम बस्तवी अज़ीज़ी,
मुम्बई संवाददाता ।
भारतीय सनातन धर्म की प्राचीन पौराणिक मान्यताओं और वेद व उपनिषदों के* अकाट्य सत्य के अनुसार पुत्री यशीश्री के विवाह का पाणिग्रहण संस्कार “सूर्यदेव तथा अग्निदेव” को साक्षी मानकर दिनांक 17 फरवरी 2024 को पूर्वाह्न 11:30 से अपराह्न 01:15 के मध्य Hotel PRAYAG INN प्रयागराज में चिंरजीवी सौरभ सिंह के साथ विधि-विधान से हुआ सम्पन्न हुआ ।
बताते चलें कि पुत्री यशीश्री के स्मृतिशेष छोटे चाचा ग्लोबल ग्रीन्स के संस्थापक अध्यक्ष एवं महान पर्यावरणविद् पेड़ प्यास पानी और प्रकृति के संरक्षक मनोज श्रीवास्तव मुरारी एवं विख्यात पर्यावरणविद् माॅ नर्मदा के अनन्य सेवक रेवांश सुत सुविख्यात पर्यावरणविद् स्मृतिशेष ताऊ जी डाॅ. पंकज श्रीवास्तव से प्रेरित तथा स्मृतिशेष मनोज चाचा द्वारा ध्वनि प्रदूषण,ऊर्जा संरक्षण एवं “उतना ही लो थाली में बेकार ना जाए नाली में” अन्न संरक्षण आदि पर किए गए कार्यों को अपने जीवन में आत्मसात करने, ग्रहण करने के संकल्प के परिप्रेक्ष्य में प्राचीन सनातन संस्कृति का पालन एवम् अनुसरण करते हुए उक्त मांगलिक आयोजन भगवान की असीम अनुकम्पा से किया गया l उतना ही पानी है लेना, ताकि नई पीढ़ी के जीवन में लिखना ना पड़े रोना ll* जल ज़मीन जीवन सभी के संरक्षण के लिए विगत 18 वर्षों से *ग्लोबल ग्रीन्स* के विभिन्न नवीन किन्तु जनहित में किए गए अनगिन सफल प्रयासों की श्रृंखला का ही एक हिस्सा है *आओ कुछ सीखें और कुछ सिखाएं…* यशीश्री सुप्रसिद्ध उद्घोषक साहित्यकार कवि प्रोड्यूसर तथा ग्लोबल ग्रीन्स ग्रीन विज़न प्रोडक्शन के वर्तमान अध्यक्ष संजय पुरुषार्थी की पुत्री हैं ll उक्त विवाह को दिन में कर के ग्लोबल ग्रीन्स ने यही संदेश देना चाहा है कि सनातन संस्कृति में कोई भी शुभ कार्य सूर्यास्त के पश्चात नहीं होता यहां
तक की अंत्येष्टि भी काशी के अलावा कहीं भी रात्रि में नहीं होती।
इस विवाह समारोह में शहर प्रयाग राज ही नहीं बल्कि परदेश और परदेश के बाहर से भी आए गड़मान्य अतिथियों में फिल्म, लेखन, कला, साहित्य और अदब से जुड़े लोगों ने इस अवसर पर इस विवाह समारोह की भूरी भूरी परशंशा की, और प्रेरणा ली।