सड़क सुरक्षा प्रहरी के रूप में हाइवे देवदूत प्रमोद ओझा को मिला सम्मान

बस्ती। 17 फरवरी सड़क हादसे में घायलों के लिए फरिश्ता बनकर पहुंचने वाले हाईवे के देवदूत के नाम से प्रसिद्ध प्रमोद ओझा को परिवहन विभाग की ओर से सड़क सुरक्षा प्रहरी के रूप में एआरटीओ पंकज सिंह की ओर से प्रशस्ति पत्र और हेलमेट और शील्ड देकर सम्मानित किया गया। इसके पूर्वी बेहतर कार्य करने के लिए कई स्वयंसेवी संस्थाओं के अलावा गणतंत्र दिवस के अवसर पर पुलिस लाइन में प्रमोद ओझा को सम्मान मिल चुका है।
बताते चलें तो हरैया क्षेत्र के रजौली ओझा गांव निवासी प्रमोद ओझा एक दशक से फोरलेन पर होने वाले सड़क हादसों में घायलों की मदद के लिए तत्पर रहते हैं। जिसके चलते क्षेत्र में लोग उन्हें हाईवे देवदूत की संज्ञा दे चुके हैं। सड़क हादसे में घायलों के लिए फरिश्ता बनकर पहुंचने वाले प्रमोद ओझा की हर जुबान पर चर्चा रहती है और जब कहीं सड़क दुर्घटना होती है तो पुलिस और एंबुलेंस से पहले लोग प्रमोद ओझा को सूचना देते हैं रात हो या दिन ठंडी हो या बरसात हर समय प्रमोद ओझा सड़क हादसे की सूचना पर फौरन दौड़ पड़ते हैं उनके द्वारा अपनी कर से घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया जाता है। उनके नेक कार्य से पब्लिक के अलावा पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम भी कायल रहती है। सड़क हादसे में घायलो की मदद के चलते चर्चित हो चुके हाइवे के देवदूत प्रमोद ओझा हर जुबान पर रहते हैं। दर्जनों बार स्वयंसेवी संस्थाओं भी इन्हें सम्मानित कर चुकी है। पुलिस विभाग की ओर से गणतंत्र दिवस के अवसर पर भी उन्हें सम्मान पत्र दिया जा चुका है। जिसमें डायल हंड्रेड के सर्किय कालर की भूमिका में उनका चयन हुआ था। हादसों में त्वरित मदद करने के चलते परिवहन विभाग ने भी इन्हें प्रशस्ति पत्र प्रदान किया है। एआरटीओ पंकज सिंह की ओर से हाइवे के देवदूत के रूप में चर्चित प्रमोद ओझा को सड़क सुरक्षा प्रहरी के रूप में हेलमेट, शील्ड और प्रशस्ति पत्र देकर उत्साह वर्धन और सम्मानित किया गया है। प्रमोद ओझा कहते हैं कि यह मुहिम अनवरत चलती रहेगी।क्योंकि वह घायलों की मदद को अपने स्वर्गीय बाबा जी को सच्ची श्रद्धांजलि समझते हैं।उनके बाबा की भी मौत सड़क हादसे में हुई थी।जिसमें चिकित्सक की ओर से कहा गया था कि अस्पताल लाने में देरी कर दी गई। प्रमोद ओझा अपने बाबा की तरह किसी परिवार को उपचार और देरी के अभाव में खोना नहीं चाहते और लगातार मुहिम चला रहे हैं।

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