महान पर्यावरण विद मनोज श्रीवास्तव की याद में आयोजित की गई संगीत मयी श्रद्धांजलि सभा,

अनुराग लक्ष्य, 22 जनवरी,
सलीम बस्तवी अज़ीज़ी,
मुंबई संवाददाता ।
कहते हैं कि इंसान इस दुनिया से रुखसत हो जाता है, लेकिन उसकी खुशबू और उसकी यादें हमेशा हमारे बीच ज़िंदा रहती हैं।उन्हीं यादों को ताज़ा रखते हुए परलोकवास के पश्चात महान पर्यावरणविद् एवम् पर्यावरण संरक्षण पर केन्द्रित राष्ट्रीय संस्था के संस्थापक अध्यक्ष स्मृतिशेष मनोज श्रीवास्तव के तीसरे जन्म दिन के अवसर पर ग्लोबल ग्रीन्स के वर्तमान अध्यक्ष व मनोज जी के बड़े भाई उद्घोषक साहित्यकार फिल्म प्रोड्यूसर संजय पुरुषार्थी एवं राष्ट्रीय सचिव व फिल्म निर्देशक यशीश्री ने टैगोर टाउन स्थित प्रधान कार्यालय पर प्रभु सत्य नारायण व्रतकथा एवं भावपूर्ण संगीतमयी श्रद्धांजलि का सफल कार्यक्रम किया l

ग्लोबल ग्रीन्स की प्रमुख संरक्षक
व सबसे छोटे सुपुत्र स्मृतिशेष मनोज श्रीवास्तव व संजय पुरुषार्थी और अपरमहा निदेशक प्रसार भारती भारत सरकार के सीनियर IAS अनिल श्रीवास्तव की वयोवृद्ध मां श्रीमती सावित्री श्रीवास्तव ने अश्रुपूरित नयनों पुण्यात्मा को याद किया l तदोपरांत ग्लोबल ग्रीन्स के कोर्डिनेटर शरद‌ मिश्रा के संयोजन में संगीतमयी श्रद्धांजलि अर्पित की गई l प्रख्यात गायिका एवं सरदार जी ढाबा रेस्टोरेंट की डायरेक्टर स्वाति निरखी गायिका और आकाशवाणी की चर्चित एंकर रेनू राज सिंह, गायिका आयुशी, गायिका निकिता के अतिरिक्त मशहूर गायक नीरज सिंह, भोजपुरी गायक कुमार मिथलेश गायक पंकज कुमार,गायिका लक्ष्मी श्रीवास्तव पलक और
शास्त्रीय – उपशास्त्रीय गायक शिव शंकर ने एक से एक भजनों से सभी के अंतर्लय को तृप्त किया ll

श्रृद्धांजलि के उक्त आयोजन में पं.देव शास्त्री, विनोद मिश्रा,राजू श्रीवास्तव,भोला यादव आर के श्रीवास्तव,हरि श्याम,सौम्या श्रीवास्तव, ऐंकर जया शुक्ला अनीता कुमारी, अल्पना रावत राहुल शुक्ला,माया केसरवानी गोपाल उपाध्याय तथा राजेश्वर कुमार श्रीवास्तव आदि रहे उपस्थित रहे।
अंत में मैं सलीम बस्तवी अज़ीज़ी, इस बात को बड़ी ही पुख्तगी से इसलिए रखना चाहता हूं कि गंगा महोत्सव जैसे कार्यक्रमों में मैं अनेकों बार उनके साथ बहैसियत शायर मौजूद रहा हूं। इसलिए उनके व्यक्तित्व और पर्यावरण के छेत्र में उनके द्वारा किए गए अविसमर्डीय कार्यों को सलाम करता हूं। साथ ही उनके सम्मान में यह चार पंक्तियां कहने को भी बाध्य हूं। कि,
,,,,, इश्क़ वफ़ा और प्यार मुहब्बत सब कुछ मनोज तुम्हारे नाम
सुबह की लाली, शाम की रंगत सब कुछ मनोज तुम्हारे नाम
ज़िंदा रहेगा नाम तुम्हारा जब तक चांद सितारे हैं
इल्म ओ अदब की इक इक दौलत सब कुछ मनोज तुम्हारे नाम,,,,,,,

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