अनुराग लक्ष्य, 15 अगस्त
सलीम बस्तवी अज़ीज़ी ,
मुम्बई संवाददाता ।
जीवन की इस आप धापी में दो पल कहीं बैठकर हम यह सोचें कि जीवन की इस यात्रा में ,,क्या खोया क्या पाया हमने,, तो पता क्या चलता है। तो पता यह चलता है कि जो कल बीत चुका है, उसके पीछे भागना आने वाले कल को खोना है। और आने वाले कल की तैयारी में आज से ही लग जाना उस आने वाले पल को पाना है, जिसे हम भविष्य कहते हैं।
प्रयाग की धरती से ज़िंदगी के इसी ताने बाने को बुनता हुआ यह एल्बम ,, क्या खोया क्या पाया तुमने,, बहुत जल्द ही दर्शकों के सामने होगा। जिसके लेखक और निर्माता सुप्रसिद्ध उदघोषक संजय पुरुषार्थी हैं।
जगजननी की अपार सफलता के बाद ग्लोबल ग्रीन्स ग्रीन विज़न प्रोडक्शन के तहत यह एल्बम निश्चित ही दर्शकों के सामने अपनी छाप छोड़ने में सफल होगा। जिसकी निर्देशित किया है निस्देशन छेत्र में अपनी छाप छोड़ने वाली यशी श्री ने ।
एल्बम में इंट्रो वाइस है कवित्री ऊष्मा सजल की। प्रोडक्शन हेड को संभाला है अवधेश निषाद ने।
डी ओ पी रवि शाह, और एडिटर अंकित जैन ने अपनी अपनी जिम्मेदारियों को निभाते हुए एल्बम को चार चांद लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।
सिनेमेटोग्राफी अजय पर्जपति का है और इस एल्बम में अभिषेक प्रजापति का योगदान भी सराहनीय है। ग्लोबल ग्रीन्स ग्रीन विज़न की इस टीम ने एक बेहतर एल्बम को तैयार करके दर्शकों के दिलों तक पहुंचने में अपनी जो, जी तोड़ मेहनत की है, उसे इनकार नहीं किया जा सकता। जिसे दर्शकों और सुनने वालों का प्यार दुलार और स्नेह जरूर मिलेगा। ऐसा मेरा विश्वास है।
,,मुंबई से सलीम बस्तवी अज़ीज़ी,,,,