दिनांक 1 नवम्बर दिन बुधवार को सायं 7 बजे नवोदय वैश्विक प्रज्ञान साहित्यिक मंच पर ऑनलाइन होकर युवा कवि डॉ. कृष्ण कान्त मिश्र ने मंच की मासिक पत्रिका नवोदय निर्झरिणी अंक-14 के विमोचन को संपन्न किया। इन्होंने कहा पत्रिका का अलंकरण बहुत ही सुंदर है और संपादक मंडल का मेहनत व श्रम इस पत्रिका में साफ दिखाई पड़ रही है। इस पत्रिका को जितनी बार भी पढ़ा जाए कम है। और बताया कि इस पत्रिका में गद्य,पद्य, छंद, दोहा, लगभग सभी प्रकार की रचनाओं को स्थान दिया गया है। विमोचन का अवसर प्रदान करने के लिए मंच के संस्थापक डॉ. ओउम् प्रकाश मिश्र मधुब्रत और उपाध्यक्षा डॉ. पूर्णिमा पाण्डेय सहित सभी पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया। तथा पत्रिका में सम्मिलित सभी रचनाकारों को बधाई प्रेषित किया। इस अवसर पर नवोदय साहित्यिक मंच की उपाध्यक्षा/संपादिका डॉ. पूर्णिमा पाण्डेय उपस्थित होकर टिप्पणियां प्रदान करती रही। इसी क्रम में मंच के संस्थापक अध्यक्ष डॉ० ओउम् प्रकाश मिश्र मधुब्रत ने विमोचन में अपने स्नेहाशीष रूपी टिप्पणी प्रदान कर सभी सम्मिलित रचनाकारों को बधाई प्रेषित किया। मंच के कोषाध्यक्ष राजीव रंजन मिश्र ने लगातार अपने कमेंट के माध्यम से हौसला बढ़ाते हुए नजर आए।
इसके अलावा मंच पर अन्य रचनाकार शशिकला नायक, सुरेश चंद्र जोशी, रीता गुलाटी, रूपा माला, गौतम सिंह अनजान, आचार्य धीरज द्विवेदी, सुनीता रानी राठौर, रंजना बिनानी सहित तमाम सुप्रसिद्ध कवि कवयित्री उपस्थित रहें। मंच के प्रमाणन अधिकारी व सुप्रसिद्ध छंदाचार्य डॉ.लवकुश तिवारी ने अपने अशीषरूपी टिप्पणियों से कार्यक्रम को सफल बनाया और मंच के मीडिया अधीक्षक सुधीर श्रीवास्तव जी ने सकारात्मक टिप्पणियों से विमोचनकर्ता का उत्साहवर्धन किया। तत्पश्चात सभी सम्मिलित रचनाकारों को नवोदय निर्झरिणी साक्षी सम्मान से सम्मानित किया गया।