नीति आयोग के केंद्रीय प्रभारी अधिकारी ने विकास कार्यों की समीक्षा, अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
बहराइच । नोडल अधिकारी, सेन्ट्रल प्रभारी, नीति आयोग, संयुक्त सचिव भारत सरकार आलोक तिवारी ने जनपद भ्रमण के दौरान विकास भवन सभागार में आकांक्षात्मक जनपद/विकासखंड के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के विभिन्न विकास कार्यों एवं आकांक्षात्मक विकासखंडों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी ने जनपद में संचालित योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी प्रस्तुत की। केंद्रीय प्रभारी अधिकारी ने सभी विभागों से समन्वय बनाकर निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने तथा विकास कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान कुपोषण दर में कमी लाने, विकास कार्यों के निरीक्षण में तेजी लाने, पशुपालन के साथ प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, आयुष्मान भारत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, आईटीआई एवं कौशल विकास पाठ्यक्रमों को समयानुकूल बनाने, लैंगिक अनुपात में सुधार, आधार सीडिंग पूर्ण करने, भारतनेट कनेक्शन ग्राम पंचायतों तक पहुंचाने तथा परिषदीय एवं माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों ने भाग लिया तथा नीति आयोग के निर्देशों के अनुरूप विकास योजनाओं को गति देने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होनें ने निर्देष दिया कि जिला स्तरीय अधिकारियों को विकास को देखकर सीखने हेतु केरल व तमिलनाडु राज्य की यात्रा पर षैक्षणिक भ्रमण हेतु भेजने का प्रबन्ध भी किया जाय।
नोडल अधिकारी श्री तिवारी ने कहा कि किसी भी जिले में पूंजी व संसाधनों की कमी, निजी क्षेत्र के उद्योग धंधो का अभाव, मुख्य रूप से पिछड़ेपन का कारण होते है। जिले के सरकारी संस्थाओं का दायित्व है कि इन कमियों को दूर करने की दिशा में सार्थक प्रयास करे जिससे जिले का पिछड़ापन दूर हो सके। जिले के पिछड़ापन को दूर करने के लिए स्वस्थ्य व शिक्षित समाज आवश्यक है। स्वस्थ समाज के लिए स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी संस्थाओं को जमीनी स्तर पर सार्थक प्रयास करने चाहिए जिससे जिले के कुपोषण जैसी समस्या दूर हो सके। स्वास्थ्य से जुड़ी संस्थाओं को मजबूत किया जाय जिससे जिले के सभी जरूरतमंद लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से उपलब्ध हो सके।
श्री तिवारी ने कहा कि जनपद में कृषि आधारित उद्योगों की अपार संभावनाएं है। जनपद के विकास तथा प्रति व्यक्ति आय को बढ़ाने में कृषि आधरित उद्योग महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों को आहवान किया कि कृषि आधारित उद्योगों की स्थापना के लिए औद्योगिक घरानों, उद्यमियों एवं प्रगतिशील कृषकों को प्रेरित किया जाय। श्री तिवारी ने कहा कि जनपद में कृषि आधारित उद्योगों की स्थापना से ग्रामीण क्षेत्र के लोागों को रोज़गार के अवसर प्राप्त होंगे। जिससे की सामाजिक व आर्थिक स्थिति में बदलाव आयेगा।
जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने बताया कि नीति आयोग द्वारा निर्धारित सभी सूचकांको में जिले में काफी सुधार हुआ है। उन्होनें कहा कि प्रयास किये जा रहे है सभी सूचकांको में शत प्रतिशत उपलब्धी अर्जित की जाय जिससे जिले के रैकिंग में सुधार हो। ड्राप आउट बच्चों को चिन्हित कर अगली कक्षाओं में प्रवेश दिलाये जाने के लिए ठोस प्रयास किये जा रहे है। साथ ही ड्राप आउट होने के कारणों की पहचान कर उसे दूर करने की दिशा में भी कार्य किये जा रहे है। इस अवसर पर जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी, मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता, जिला विकास अधिकारी राज कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ संजय कुमार, उप निदेशक कृषि विनय कुमार, चिकित्साधिकारी डॉ पियूष नायक, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी घासीराम सहित अन्य सम्बन्धित मौजूद रहे।
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