डेनमार्क स्थित मोहनजी पीस सेंटर (MPC) ने आध्यात्मिक यात्रा में एक नया अध्याय जोड़ते हुए शिरडी साईं बाबा, भगवान गणेश और भगवान दत्तात्रेय की पवित्र प्रतिमाओं की स्थापना की। इस अवसर पर 4 और 5 जुलाई को आयोजित ‘हैप्पीनेस फेस्टिवल-2026’ में दुनिया के विभिन्न देशों से पहुंचे साधकों ने भक्ति, एकता और आत्मचिंतन का संदेश दिया।
दो दिवसीय इस आध्यात्मिक महोत्सव की शुरुआत 4 जुलाई को डेनिश ध्वज फहराने के साथ हुई। इसके बाद ब्रह्मर्षि मोहनजी ने उपस्थित श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए उन्हें आत्मिक सुख, आंतरिक शांति और आत्मबोध की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया।
4 जुलाई को आयोजित कार्यक्रम में डेनमार्क में भारत के राजदूत श्री मनीष प्रभात ने भी मोहनजी पीस सेंटर का दौरा किया। उनकी उपस्थिति ने केंद्र की बढ़ती वैश्विक पहचान तथा भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के अंतरराष्ट्रीय प्रसार को नई मजबूती प्रदान की।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण “मैनिफेस्टिंग एबंडेंस – द री-प्रोग्रामिंग” कार्यशाला रही, जिसमें करीब विश्वभर से 400 से अधिक श्रद्धालुओं ने ऑनलाइन भाग लिया। इस कार्यशाला में मोहनजी ने बताया कि वास्तविक समृद्धि भौतिक संसाधनों से नहीं, बल्कि जागरूकता, स्वीकार्यता और आत्मिक संतुलन से प्राप्त होती है। उन्होंने भय, तुलना और सीमित सोच से मुक्त होकर जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का आह्वान किया।
आयोजकों के अनुसार, 4 और 5 जुलाई को आयोजित यह दो दिवसीय महोत्सव केवल प्रतिमाओं की स्थापना तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शांति, करुणा, सेवा, मानवता और वैश्विक एकता के मूल्यों को सशक्त बनाने का एक महत्वपूर्ण अभियान भी साबित हुआ। मोहनजी पीस सेंटर ने भविष्य में भी विश्वभर के लोगों को आध्यात्मिक जागरूकता और मानव सेवा के मार्ग पर प्रेरित करने का संकल्प दोहराया।
ब्रह्मर्षि डॉ. मोहनजी द्वारा स्थापित
मोहनजी फाउंडेशन, का मुख्यालय स्विट्ज़रलैंड में स्थित है, 23 देशों में पंजीकृत है तथा 90 देशों में सक्रिय उपस्थिति रखता है। मोहनजी ने विश्वभर में मोहनजी सेंटर्स ऑफ बेनेवोलेंस की स्थापना की है तथा 9 देशों में पूर्णतः संचालित आश्रम स्थापित किए हैं, जो आध्यात्मिक साधना, आत्मपरिवर्तन और निःस्वार्थ सेवा के केंद्र के रूप में कार्य कर रहे हैं।