महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या, 29 जून 2026। अयोध्या धाम के जियनपुर, महोबरा बाजार स्थित कबीर मठ में सोमवार को सद्गुरु कबीर साहेब की 629वीं जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस जयंती महोत्सव का संयोजन श्री कबीर धर्म मंदिर सेवा समिति जियनपुर के कार्यवाहक अध्यक्ष आचार्य उमाशंकर दास ने किया। मानवता के प्रतीक हैं कबीर साहेब कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आचार्य उमाशंकर दास ने कहा कि हम कबीर साहेब के जन्मदिन को ‘प्रगट दिवस’ के रूप में मनाते हैं, क्योंकि उनका जन्म साधारण मानव की तरह नहीं हुआ था। वे लहतारा ताल में कमल के पुष्प पर प्रगट हुए थे, जिनका पालन-पोषण नीमा और नीरू नामक जुलाहा दंपत्ति ने किया। उन्होंने कहा कि कबीर साहेब ने सदैव बाह्य आडंबरों और पाखंडवाद का विरोध किया। मगहर से उन्होंने पूरी दुनिया को मानवता का संदेश दिया। वे विश्व के एकमात्र ऐसे महापुरुष हैं जिनकी मगहर में समाधि भी है और मंदिर भी, जहाँ हिंदू और मुसलमान दोनों एक साथ श्रद्धा अर्पित करते हैं। आचार्य उमाशंकर ने जोर देकर कहा कि महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव अंबेडकर भी कबीर साहेब के विचारों से गहरे प्रभावित थे और उनके दर्शन का स्पष्ट प्रभाव भारतीय संविधान में देखने को मिलता है। प्रेम और एकता का संदेश पूर्वांचल विकास बोर्ड के निवर्तमान सदस्य अरविंद सिंह पटेल ने कहा कि संत शिरोमणि कबीर साहेब ने प्रेम और मानवता के सूत्र से पूरी दुनिया को जोड़ने का कार्य किया। वहीं, साकेत महाविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रामचन्दर वर्मा ने कहा कि कबीर साहेब ने मजहब और पंथ से ऊपर उठकर कार्य किया। उनकी मानवीय संवेदना आज भी समाज में व्याप्त संघर्षों और पीड़ा का समाधान है। इस अवसर पर कुशवाहा मंदिर के महंत सनत कुमार दास, हनुमानगढ़ी के महंत तेजपाल दास, कबीर आश्रम बड़हरा (गोंडा) के महंत विवेक ब्रह्मचारी सहित संत राधेश्याम दास, रामप्रकाश साहेब, संत निर्भय दास, संत आंधी दास, संत प्रजापति दास, संत रवींद्र दास, संत संतोष साहेब, साहिबी तुलसी, डॉ. अजय सिंह, पार्षद सर्वजीत यादव, प्राचार्य निर्मल वर्मा, डॉ. गंगाराम, मुलायम यादव, रामअभिलाख वर्मा, अमरनाथ वर्मा, रामजनम वर्मा, डॉ. अजीत यादव, अमिताभ श्रीवास्तव, विष्णु यादव, राकेश वर्मा, मनसुख भाई पटेल, वीरेंद्र मौर्य, जगराम, अंजनी मौर्या, गुरुचरण यादव, राकेश यादव, प्रभात सिंह और विवेक सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।