सख्त प्रवर्तन का असर: उत्तर प्रदेश में तीन माह में सड़क दुर्घटनाओं और मौतों में आई बड़ी कमी, 797 लाइसेंस निलंबित

लखनऊ, । उत्तर प्रदेश में सड़क सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे सघन प्रवर्तन अभियानों और जागरूकता कार्यक्रमों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि राज्य सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति और यातायात नियमों के उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ की गई कठोर कार्रवाई के कारण प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं तथा उनसे होने वाली जनहानि में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।परिवहन विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार मार्च, अप्रैल और मई 2026 के दौरान घातक सड़क दुर्घटनाओं में लगातार गिरावट दर्ज की गई। मार्च 2026 में प्रदेश में कुल 1,876 सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं, जिनमें 2,008 लोगों की मृत्यु हुई। अप्रैल में यह संख्या घटकर 1,697 दुर्घटनाओं और 1,838 मृतकों तक पहुंच गई। वहीं मई माह में सबसे अधिक सुधार देखने को मिला, जब दुर्घटनाओं की संख्या घटकर 1,004 और मृतकों की संख्या 1,111 रह गई।परिवहन मंत्री ने कहा कि यह सफलता मुख्य रूप से ओवर स्पीडिंग पर प्रभावी नियंत्रण और सड़क सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ की गई सख्त कार्रवाई का परिणाम है। विभाग ने मोटर यान अधिनियम की धारा-19 के अंतर्गत लापरवाह चालकों पर व्यापक कार्रवाई की है। पिछले तीन महीनों में कुल 1,246 मामलों में नोटिस जारी किए गए, जिनमें मार्च में 434, अप्रैल में 380 और मई में 432 मामले शामिल हैं।उन्होंने बताया कि इसी अवधि में कुल 797 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए गए। मार्च में 231, अप्रैल में 213 और मई में सर्वाधिक 353 लाइसेंस निलंबित किए गए। इसके अतिरिक्त गंभीर उल्लंघनों के 20 मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस पूरी तरह निरस्त कर दिए गए। मंत्री ने कहा कि मई माह में सर्वाधिक लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई का सीधा असर दुर्घटनाओं में आई भारी कमी के रूप में दिखाई दिया।दयाशंकर सिंह ने बताया कि ‘हिट एंड रन’ मामलों में भी लगातार कमी दर्ज की गई है। मार्च में ऐसे 529 मामले सामने आए थे, जो अप्रैल में घटकर 468 रह गए और मई में यह संख्या केवल 275 तक सिमट गई। तीन माह की अवधि में कुल 1,272 हिट एंड रन के मामले दर्ज किए गए।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। विभाग द्वारा भविष्य में भी इसी प्रकार के सघन अभियान जारी रखे जाएंगे, ताकि दुर्घटनाओं और जनहानि में और कमी लाई जा सके। उन्होंने नागरिकों से भी यातायात नियमों का पालन करने, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने तथा सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने की अपील की।परिवहन मंत्री ने कहा कि सुरक्षित सड़कें केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि आम नागरिकों की सहभागिता से ही संभव हैं। सरकार का लक्ष्य प्रदेश की सड़कों को अधिक सुरक्षित बनाकर प्रत्येक नागरिक के जीवन की रक्षा सुनिश्चित करना है।