जानलेवा फायरिंग कांड का खुलासा, 8 आरोपी गिरफ्तार
अवैध पिस्टल, कारतूस और तीन चारपहिया वाहन बरामद
लेन-देन के विवाद में मुर्गी फार्म पर हुई थी फायरिंग, पुलिस की त्वरित कार्रवाई
जितेन्द्र पाठक
संतकबीरनगर। जनपद में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली खलीलाबाद पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए जानलेवा फायरिंग की घटना में शामिल 8 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त एक अवैध 9 एमएम पिस्टल, जिंदा कारतूस, एक खोखा तथा तीन चारपहिया वाहन भी बरामद किए हैं।
पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन एवं क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पाण्डेय के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक जयप्रकाश दुबे के नेतृत्व में गठित टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस टीम ने उतरावल गांव स्थित बीर बहादुर राय के मुर्गी फार्म से सभी आरोपियों को तीन वाहनों के साथ गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार अभियुक्तों में कृष्णचंद पाण्डेय उर्फ केसी, दीपक पाण्डेय, हनीपाल उर्फ गौरवपाल, दुर्गेश यादव, दुष्यंत राय, तुषार गुप्ता, झिन्नू कन्नौजिया और देवेन्द्र प्रताप सिंह शामिल हैं। तलाशी और पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी कृष्णचंद पाण्डेय की निशानदेही पर एक अवैध 9 एमएम पिस्टल, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा बरामद किया गया।
घटना के संबंध में बीर बहादुर राय निवासी उतरावल ने थाना कोतवाली खलीलाबाद में शिकायत दर्ज कराई थी कि 15 जून 2026 की रात लगभग 8:30 बजे लेन-देन के विवाद को लेकर आरोपी अपने साथियों के साथ तीन चारपहिया वाहनों से मुर्गी फार्म पर पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की नीयत से फायरिंग की। इस संबंध में थाना कोतवाली खलीलाबाद पर संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया।
पूछताछ में मुख्य आरोपी ने बताया कि कुछ माह पूर्व वाहन खरीद-फरोख्त को लेकर विवाद हुआ था, जिसके चलते रंजिश में आकर उसने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने बरामद साक्ष्यों के आधार पर मामले में आयुध अधिनियम की धाराएं भी बढ़ा दी हैं।
पुलिस टीम में उपनिरीक्षक शैलेन्द्र कुमार, इन्द्रभूषण सिंह, अनिल कुमार यादव सहित अन्य पुलिसकर्मियों की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जनपद में अपराध और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।