पुरानी रंजिश में खूनी हमला: परिवार पर लाठी-डंडों से जानलेवा वार, महिला की हालत गंभीर

पुरानी रंजिश में खूनी हमला: परिवार पर लाठी-डंडों से जानलेवा वार, महिला की हालत गंभीर

 

सुबह 6 बजे दबंगों का तांडव: एक ही परिवार के कई लोग घायल, गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर

 

पीड़ित की गुहार: मुकदमा दर्ज न होने से इलाज में बाधा, एसपी से न्याय की मांग

 

जितेन्द्र पाठक

 

संतकबीरनगर।जनपद संतकबीरनगर में एक बार फिर दबंगई का गंभीर मामला सामने आया है, जहां पुरानी रंजिश को लेकर एक ही परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया गया। घटना में कई लोग घायल हुए हैं, जबकि एक महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसे गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। पीड़ित ने इस मामले में पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम शालेपुर के कंचन पुरवा निवासी मोहन पुत्र बदल ने आरोप लगाया है कि 16 जून 2026 की सुबह करीब 6 बजे वह अपनी पत्नी श्यामदुलारी के साथ खेत जा रहे थे। इसी दौरान गांव सालेपुर के प्रभुनाथ पुत्र भुईधर राम केस, मन्नू , गोली राजेन्द्र ,समेत लगभग 10-12 लोगों ने पूर्व नियोजित तरीके से लाठी-डंडा, ईंट-पत्थर लेकर उन पर हमला कर दिया।

पीड़ित के अनुसार, हमलावरों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की नीयत से उन्हें और उनकी पत्नी को बुरी तरह पीटा। शोर सुनकर बचाव के लिए पहुंचे उनके बेटे रोशनलाल, बेटी पिंकी, बहू रेनू सहित अन्य परिजनों को भी हमलावरों ने नहीं छोड़ा और सभी को मारपीट कर घायल कर दिया।

हमले में श्यामदुलारी के सिर में गंभीर चोट आई, जिससे वह बार-बार बेहोश हो रही थीं और उल्टियां कर रही थीं। स्थिति गंभीर होने पर उन्हें तत्काल इलाज के लिए ले जाया गया, जहां से चिकित्सकों ने उन्हें मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया। वहीं अन्य घायलों का आरोप है कि स्थानीय स्तर पर बिना मुकदमा दर्ज हुए इलाज करने से मना किया जा रहा है।

पीड़ित मोहन का कहना है कि लगातार शिकायत के बावजूद उनकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके।

इस घटना को लेकर क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल है। लगातार हो रही घटनाओं से पीड़ित परिवार भयभीत है। अब देखना यह होगा कि पुलिस प्रशासन इस गंभीर मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करता है और पीड़ितों को न्याय कब तक मिल पाता है।